Savarkar Defamation Case : सावरकर मानहानि केस में नया मोड़, प्रपौत्र ने राहुल गांधी पर लगाया बड़ा आरोप

सावरकर मानहानि मामले की पुणे कोर्ट में सुनवाई के दौरान नया मोड़ आया है। सावरकर के प्रपौत्र सात्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के कथित लंदन बयान पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बयान से सावरकर की छवि गलत तरीके से पेश हुई। अब अदालत में आगे क्या सामने आएगा, सबकी नजरें टिकी हैं।

Savarkar Defamation Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 2, 2026

Savarkar Defamation Case :  पुणे की एक विशेष अदालत में मंगलवार को हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के प्रपौत्र सात्यकि सावरकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने अदालत में कहा कि उनके परदादा ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की थी। सात्यकि के मुताबिक, सावरकर ने अपने लेखन में मुसलमानों की प्रगति के रास्तों और साधनों का भी उल्लेख किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कथित बयानों के जरिए सावरकर की छवि मुसलमानों से बेहद नफरत करने वाले व्यक्ति के तौर पर पेश की गई।

राहुल गांधी के खिलाफ 2023 में दर्ज हुआ था मामला

यह मामला राहुल गांधी द्वारा 2023 में लंदन में दिए गए कथित बयानों से संबंधित मानहानि की शिकायत से जुड़ा है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मिलिंद पवार ने सात्यकि सावरकर से जिरह की। वकील ने उनसे यह बताने को कहा कि राहुल गांधी के भाषण में आखिर वे कौन से सटीक शब्द थे, जिनसे स्वातंत्र्यवीर सावरकर की प्रतिष्ठा को कथित तौर पर नुकसान पहुंचा।

जिरह में राहुल गांधी के कथित बयान का उल्लेख

जिरह के दौरान सात्यकि सावरकर ने राहुल गांधी के कथित बयान को अदालत के सामने दोहराया। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने कहा था कि सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने अपने पांच-छह दोस्तों के साथ मिलकर एक मुस्लिम युवक की पिटाई की थी और इस घटना से उन्हें खुशी मिली थी। सात्यकि ने इसी कथित बयान को मानहानि मामले का प्रमुख आधार बताया।

सात्यकि बोले- सावरकर ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की

सात्यकि सावरकर ने अदालत में कहा कि इस तरह के शब्दों से उनके परदादा को मुसलमानों से बेहद नफरत करने वाले व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इस आरोप से स्पष्ट रूप से असहमति जताते हुए कहा कि सावरकर ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की। सात्यकि के अनुसार, सावरकर के लेखन में मुसलमानों की प्रगति के लिए रास्तों और साधनों का उल्लेख मिलता है।

लंदन भाषण को लेकर कानूनी विवाद

राहुल गांधी के कथित लंदन भाषण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब अदालत की कार्यवाही तक पहुंच चुका है। 2023 में दर्ज मानहानि मामले में शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी के बयानों से सावरकर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। दूसरी ओर, मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से भी अपने पक्ष में दस्तावेज और अन्य सामग्री अदालत के समक्ष रखी गई।

राहुल गांधी के वकील ने पेश किया गोपाल गोडसे का वीडियो

सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने सात्यकि सावरकर के दादा गोपाल गोडसे का वर्ष 2004 का एक वीडियो इंटरव्यू और उसका ट्रांसक्रिप्ट भी अदालत में पेश किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस इंटरव्यू में गोपाल गोडसे ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया था कि उनके भाई नाथूराम गोडसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्य थे। इस सामग्री को बचाव पक्ष की ओर से अदालत में महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में पेश किया गया।

गोपाल गोडसे का गांधी हत्या मामले से संबंध

गोपाल गोडसे नाथूराम गोडसे के छोटे भाई थे। नाथूराम गोडसे महात्मा गांधी की हत्या के मुख्य आरोपियों में शामिल थे और गोपाल गोडसे को भी गांधी हत्या की साजिश में शामिल होने के मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत में उनके पुराने इंटरव्यू और उसके ट्रांसक्रिप्ट को पेश किए जाने से मामले की सुनवाई के दौरान ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ भी चर्चा में आया।

अदालत में जारी है दोनों पक्षों की दलील

सात्यकि सावरकर के बयान और बचाव पक्ष की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों के बाद अब इस मानहानि मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। एक तरफ शिकायतकर्ता पक्ष राहुल गांधी के कथित बयान को सावरकर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बता रहा है, वहीं बचाव पक्ष विभिन्न दस्तावेजों और पुराने बयानों के आधार पर अपना पक्ष रख रहा है।

सावरकर की विरासत पर केंद्रित हुआ विवाद

यह पूरा मामला केवल मानहानि के कानूनी विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि सावरकर की विचारधारा और उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व को लेकर लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक विमर्श से भी जुड़ा हुआ है। अदालत में सात्यकि सावरकर ने अपने परदादा की छवि का बचाव करते हुए उनके लेखन का हवाला दिया। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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