Sarfaraz Khan Double Century: भारतीय क्रिकेट के गलियारों में अक्सर यह कहा जाता है कि यदि टीम इंडिया के दरवाजे आपके लिए बंद हों, तो उन्हें अपने रनों के अंबार से तोड़ देना चाहिए। युवा बल्लेबाज सरफराज खान इस कहावत को हकीकत में बदल रहे हैं। राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे सरफराज ने एक बार फिर चयनकर्ताओं को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने पर मजबूर कर दिया है। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में मुंबई की ओर से खेलते हुए सरफराज खान ने हैदराबाद के खिलाफ एक जबरदस्त दोहरा शतक जड़कर सनसनी मचा दी है। यह पारी न केवल उनके कौशल को दर्शाती है, बल्कि उन आलोचकों को भी चुप कराती है जो उनकी निरंतरता पर सवाल उठाते रहे हैं।
राजीव गांधी स्टेडियम में रनों की बारिश: पहले दिन से ही कायम था दबदबा
हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में मुंबई और मेजबान हैदराबाद के बीच एलीट ग्रुप डी का मुकाबला खेला जा रहा है। मैच के पहले ही दिन से सरफराज खान के इरादे साफ नजर आ रहे थे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम को सरफराज ने मजबूती प्रदान की। खेल के पहले दिन उन्होंने अपना शतक पूरा किया और 142 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे थे। इस दौरान उन्होंने कप्तान सिद्धेश लाड के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 249 रनों की मैराथन साझेदारी की। लाड भी 104 रनों की शानदार पारी खेलकर आउट हुए, लेकिन सरफराज का सफर अभी बाकी था।
सिर्फ 206 गेंदों में जड़ा दोहरा शतक: सिराज समेत सभी गेंदबाजों की धुनाई
शुक्रवार, 23 जनवरी को मैच के दूसरे दिन सरफराज खान ने वहीं से शुरुआत की जहाँ उन्होंने पहले दिन छोड़ा था। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए पहले ही सत्र में आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। सरफराज ने महज 206 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का 5वां दोहरा शतक है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि केवल 61 मैचों में हासिल की है। अपनी इस पारी के दौरान सरफराज ने हैदराबाद के कप्तान और भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को भी नहीं बख्शा। सिराज के खिलाफ उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए और यह साबित किया कि वे किसी भी स्तर के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं।
227 रनों की यादगार पारी का अंत: मुंबई ने खड़ा किया विशाल स्कोर
सरफराज खान की इस बेमिसाल पारी का अंत 227 रनों के निजी स्कोर पर हुआ। उन्होंने अपनी इस पारी के लिए मात्र 219 गेंदें खेलीं, जिसमें 19 आकर्षक चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट किसी टी20 मैच की तरह था, जिसने विपक्षी टीम के हौसले पस्त कर दिए। उन्हें रक्षन ने क्लीन बोल्ड कर पवेलियन का रास्ता दिखाया, लेकिन आउट होने से पहले वे मुंबई को 488 रनों के विशाल स्कोर तक पहुँचा चुके थे। इस पारी ने मुंबई की स्थिति को मैच में काफी मजबूत कर दिया है।
चयनकर्ताओं के लिए बड़ा संदेश: क्या अब मिलेगी टीम इंडिया में जगह?
सरफराज खान का यह दोहरा शतक भारतीय टीम प्रबंधन और चयन समिति के लिए एक सीधा संदेश है। पिछले कुछ महीनों में सरफराज ने हर फॉर्मेट में रन बनाए हैं। उन्होंने पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (T20) में शतक जड़ा, फिर विजय हजारे ट्रॉफी (वनडे) में अपनी चमक बिखेरी और अब नए साल 2026 की शुरुआत रणजी ट्रॉफी में दोहरे शतक के साथ की है। लगातार घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने के बावजूद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त मौके नहीं मिलना क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि क्या यह धमाकेदार पारी उन्हें वापस नीली जर्सी दिलाने में कामयाब होती है या नहीं।
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