सरदार पटेल योजना से यूपी में बढ़ेगा निवेश, युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ राज्य में निवेश व रोजगार बढ़ाने के लिए शुरू की गई सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसवीपीईआईजेड) योजना के तहत पहले चरण में 16 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के माध्यम से पांच, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के माध्यम से पांच, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के माध्यम से दो, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के माध्यम से दो, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के माध्यम से एक-एक औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। साथ ही प्रदेश को ‘हब एंड

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जुलाई 16, 2026

लखनऊ
राज्य में निवेश व रोजगार बढ़ाने के लिए शुरू की गई सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसवीपीईआईजेड) योजना के तहत पहले चरण में 16 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के माध्यम से पांच, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के माध्यम से पांच, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के माध्यम से दो, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के माध्यम से दो, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के माध्यम से एक-एक औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी।

साथ ही प्रदेश को ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ पर आधारित औद्योगिक एवं कौशल विकास नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा। एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि हुई है।

प्रत्येक एसवीपीईआईजेड में कौशल विकास केंद्र, औद्योगिक भूखंड, प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड, साझा सुविधा केंद्र, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण व व्यावसायिक सेवाएं उपलब्ध होंगी।

प्लग एंड प्ले व्यवस्था के तहत उद्यमियों को तैयार औद्योगिक परिसर, विद्युत, जल, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित न्यूनतम समय में उत्पादन शुरू करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में कौशल विकास, औद्योगिक इकाइयां, प्लग एंड प्ले सुविधा, हरित क्षेत्र, सड़क एवं आधारभूत संरचना तथा वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए पृथक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

प्रत्येक हब के लिए एसपीवी का गठन किया जाएगा तथा संबंधित हब के प्रमुख निवेशक को उसका अध्यक्ष बनाया जाएगा। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण देने से लेकर उद्योगों की स्थापना तक की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही युवाओं के लिए 'वन स्टॉप' रोजगार इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।