Sarah Khalifa Death Sentence : सारा खलीफा को ड्रग्स केस में मौत की सजा, मिस्र की अदालत का बड़ा फैसला

मिस्र की टीवी प्रेजेंटर सारा खलीफा को ड्रग्स बनाने और तस्करी से जुड़े बड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। काहिरा की अदालत ने उनके साथ 11 अन्य आरोपियों को भी मृत्युदंड दिया। आरोपियों पर संगठित आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप था। लेकिन इस फैसले के बाद अब आगे क्या होगा?

Sarah Khalifa Death Sentence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 7, 2026

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Sarah Khalifa Death Sentence : मिस्र में ड्रग्स तस्करी से जुड़े चर्चित मामले में अदालत ने टीवी प्रेजेंटर सारा खलीफा समेत 12 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों को बड़े पैमाने पर सिंथेटिक नशीले पदार्थों के कथित निर्माण और तस्करी में दोषी ठहराया। करीब 39 वर्षीय सारा खलीफा मिस्र के टेलीविजन जगत में जानी-पहचानी हस्ती रही हैं और वह अपराध तथा सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम ‘मिशन इम्पॉसिबल’ की मेजबानी कर चुकी हैं।

नौ आरोपियों को उम्रकैद, सात को अदालत ने किया बरी

मामले में अदालत ने नौ अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि सात लोगों को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, मृत्युदंड के फैसले से पहले मिस्र की न्यायिक प्रक्रिया के तहत ग्रैंड मुफ्ती की धार्मिक राय भी ली गई। फैसले के सामने आने के बाद मिस्र के मीडिया और मनोरंजन उद्योग में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जांच में 750 किलोग्राम से अधिक सिंथेटिक ड्रग्स बरामद

सरकारी समाचार माध्यम ‘अल-अहराम’ और अभियोजन पक्ष से सामने आई जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों ने कथित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक, 750 किलोग्राम से अधिक सिंथेटिक ड्रग्स और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की गई। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि विदेश से कच्चा माल मंगाकर मिस्र में ही नशीले पदार्थ तैयार किए जाते थे।

काहिरा के अपार्टमेंट में चल रही थी कथित ड्रग लैब

जांच एजेंसियों के अनुसार, काहिरा के दो अपार्टमेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध ड्रग निर्माण के लिए किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को नशीले पदार्थों के अलावा बिना लाइसेंस के हथियार और कारतूस भी मिलने की बात कही गई है। अभियोजन पक्ष ने इन बरामदगियों को कथित नेटवर्क के खिलाफ मामले में महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर पेश किया।

सारा खलीफा ने अदालत में आरोपों से किया इनकार

सारा खलीफा को अप्रैल 2025 में काहिरा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उन्होंने शुरुआत से ही अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया और खुद को निर्दोष बताया। सुनवाई के दौरान वह अदालत में भावुक हो गईं और न्यायाधीश से राहत की गुहार लगाई। अपनी सफाई में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी सिगरेट तक नहीं पी और नशीले पदार्थों से उनका कोई संबंध नहीं रहा।

टीवी प्रेजेंटर ने ड्रग्स से किसी भी संबंध को नकारा

अदालत में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए खलीफा ने कथित तौर पर कहा कि नारकोटिक्स ब्यूरो के कार्यालय में तस्वीरें खिंचवाए जाने से पहले उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसे पदार्थ कभी नहीं देखे थे। उनका कहना था कि उन पर लगाए गए आरोप वास्तविकता से परे हैं। हालांकि, अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया और मृत्युदंड सुनाया।

वकील फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत जाएंगे

सारा खलीफा के वकीलों ने संकेत दिया है कि वे मौत की सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करेंगे। उनका प्रयास होगा कि फैसले की समीक्षा कराई जाए और उनकी मुवक्किल को राहत मिल सके। फिलहाल अंतिम कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

मिस्र में गंभीर अपराधों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, मिस्र में गंभीर अपराधों के लिए मृत्युदंड कानूनी व्यवस्था का हिस्सा बना हुआ है। इनमें बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और गंभीर हत्या जैसे अपराध शामिल हैं। सारा खलीफा का मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां प्रस्तावित अपील के बाद अदालत का अगला फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा।

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