Anti Paper Leak Bill News: केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पेश किए जाने के बाद अब सियासी पारा चढ़ गया है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस नए बिल को लेकर एनडीए सरकार को आड़े हाथों लिया है और तीखे सवाल दागे हैं। संजय राउत ने कटाक्ष करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरकार देश के बच्चों और युवाओं के लिए कौन सा नया और असरदार बिल लेकर आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस नए कानून में ऐसा नया क्या है जो पहले से मौजूद नहीं था? संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि पहले सजा एक साल की थी जिसे अब बढ़ाकर दस साल कर दिया गया है, और जुर्माना 1 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है—क्या यही सरकार की बड़ी उपलब्धि है?
मोदी सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर खड़े किए गंभीर सवाल
बताते चले कि, अपने तीखे तेवर जारी रखते हुए उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने देश में मौजूद अन्य कानूनों की स्थिति पर भी सवालिया निशान खड़े किए। उन्होंने दल-बदल कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में कड़े कानून होने के बावजूद किस तरह गैर-कानूनी तरीके से सांसदों, विधायकों और राजनीतिक पार्टियों को तोड़ा जा रहा है। राउत ने दावा किया कि आप पेपर लीक रोकने के लिए भले ही कितने भी कठोर कानून क्यों न बना लें, लेकिन जब तक मोदी सरकार में शैक्षणिक संस्थानों के अहम पदों पर आरएसएस के लोग बैठे हैं, तब तक पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं को पूरी तरह रोकना असंभव है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में न तो सुप्रीम कोर्ट के नियमों का ठीक से पालन हो रहा है और न ही चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है।
नीट विवाद के बाद उठाया गया बड़ा कदम
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार (27 जुलाई 2026) को लोकसभा के पटल पर ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026’ पेश किया। यह अहम विधायी कदम देश भर में खासकर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ चले लंबे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है। हालांकि, जब शून्यकाल के दौरान मंत्री यह बिल पेश कर रहे थे, तब सदन में विपक्षी सदस्यों की ओर से जोरदार हंगामा और नारेबाजी जारी थी। विपक्षी सांसद दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस पर स्पष्टीकरण की मांग कर रहे थे। भारी शोरगुल और गतिरोध के चलते लोकसभा की बैठक को शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।










