Sanjay Nishad Statement: सावन में मछली खाने को लेकर संजय निषाद का दावा, बोले- ‘लहसुन-प्याज नहीं तो शाकाहारी’

Sanjay Nishad Statement: सावन के दौरान मछली को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है, उन्होंने बिना लहसुन-प्याज के तैयार मछली को शाकाहारी बताया, अब उनके इस दावे पर सियासी प्रतिक्रिया और विवाद कितना बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा

सावन में मछली खाने को लेकर संजय निषाद का दावा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 12, 2026

Sanjay Nishad Statement: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। इसी बीच योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद का मछली को लेकर दिया गया एक बयान चर्चा में आ गया है। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि बिना लहसुन और प्याज के तैयार की गई मछली को शाकाहारी माना जा सकता है। संजय निषाद के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद अन्य लोग इस टिप्पणी पर शांत नजर आए, जबकि मंत्री खुद मुस्कुराते हुए दिखाई दिए।

सीएम योगी ने स्टॉल का अवलोकन कर विभिन्न विभागों की योजनाओं की

सावन के दौरान मछली को लेकर टिप्पणी

गौरतलब है कि सावन का महीना हिंदू धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मांसाहारी भोजन से परहेज करते हैं। ऐसे समय में मंत्री का मछली को शाकाहारी बताने वाला बयान लोगों का ध्यान खींच रहा है। संजय निषाद ने इसी दौरान मछली को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर मछली बिना लहसुन-प्याज के बनाई जाए तो उसे शाकाहारी माना जा सकता है। उनके इस बयान को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

मछली, तीर और धनुष का भी किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान संजय निषाद ने मछली के राजनीतिक और सामाजिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय संविधान से जुड़े प्रतीकों में मछली, तीर और धनुष का उल्लेख मिलता है और यही निषाद समाज की पहचान से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने निषाद समुदाय के प्रतीकों और उनकी सामाजिक पहचान को लेकर गर्व व्यक्त किया। मंत्री के अनुसार, निषाद समाज की परंपरा और प्रतीकों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उचित सम्मान मिलना चाहिए।

लंदन यात्रा का किस्सा भी सुनाया

कार्यक्रम में संजय निषाद ने अपनी लंदन यात्रा का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने गोरखपुर के सांसद रवि किशन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां रवि किशन ने अपने गानों से लोगों का मनोरंजन किया, जबकि उन्होंने अपने अंदाज में लोगों पर प्रभाव डाला। उन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच बदलते संबंधों पर भी टिप्पणी की। संजय निषाद ने कहा कि एक समय भारत में लंदन की चर्चा होती थी, लेकिन अब लंदन में भी भारत की मौजूदगी नजर आती है। उन्होंने ब्रिटेन में भारतीय मूल के प्रधानमंत्री बनने का भी उल्लेख किया।

निषाद समाज को लेकर क्या बोले संजय निषाद?

‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने निषाद समाज और उसकी राजनीतिक भूमिका पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो लोग निषाद राज के प्रतीक और समाज का सम्मान करते हैं, उन्हें समुदाय का समर्थक माना जाएगा। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी का नाम लेते हुए अपने राजनीतिक अंदाज में कहा कि निषाद समाज अब उनके साथ नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खलीलाबाद व मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र में 684

बयान पर सियासी प्रतिक्रिया की संभावना

संजय निषाद के मछली को शाकाहारी बताने वाले बयान ने राजनीतिक चर्चा को नया मुद्दा दे दिया है। खासतौर पर सावन के दौरान दिए गए इस बयान पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है। हालांकि, इस बयान का राजनीतिक असर कितना होगा और क्या यह चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बनता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल संजय निषाद की टिप्पणी सोशल और राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।