सम्राट चौधरी ने दिल्ली में उठाई बिहार की आवाज, जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं के लिए मांगा फंड

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने के लिए पुरजोर आवाज उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संसाधनों से निवेश कर 'जल जीवन मिशन' के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया है। हालांकि, कुछ कारणों से इस योजना की केंद्रीय राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार ने केंद्र के समक्ष अपनी लंबित और

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Published On :

जून 12, 2026

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पटना
 बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने के लिए पुरजोर आवाज उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संसाधनों से निवेश कर 'जल जीवन मिशन' के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया है। हालांकि, कुछ कारणों से इस योजना की केंद्रीय राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार ने केंद्र के समक्ष अपनी लंबित और भावी योजनाओं के लिए बड़ी वित्तीय मांग रखी है।

18 हजार करोड़ की वित्तीय मदद की गुहार
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में बताया कि राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इस निवेश की भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्होंने केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। इस मांग के तहत उन्होंने खर्च हो चुकी राशि के केंद्रांश के रूप में 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की अपील की।

राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसकी भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया।

कौशल विकास और नए संस्थानों के लिए विशेष फंड
बिहार में युवाओं के हुनर को निखारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने राज्य में चल रहे कौशल विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए वित्तीय मदद की मांग की।

    आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब के तहत पटना में 640 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना की जा रही है।
    पीएम-सेतु योजना के माध्यम से 75 आईटीआई को मजबूत करने के लिए 3,615 करोड़ की डिमांड केंद्र से की गई।
    'इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर' पायलट प्रोजेक्ट के लिए 750 करोड़ की मांग सम्राट सरकार ने की।
    जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ की मांग केंद्र सरकार से की गई।
    भागलपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए राशि की मांग भी सम्राट सरकार ने की है।

पीएम-विश्वकर्मा योजना में बिहार की प्रगति रिपोर्ट
बैठक के दौरान राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम-विश्वकर्मा योजना' के अंतर्गत बिहार में अब तक 1.18 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे जमीन पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

हॉकी विश्व कप और राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए मदद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को खेल के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 में बिहार 'नेशनल यूथ गेम्स', वर्ष 2030 में 'हॉकी विश्व कप' और वर्ष 2031 में 'राष्ट्रीय खेल' (National Games) की मेजबानी करने के लिए तैयार है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि बिहार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र पर चलते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।

 

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