Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित बहजोई थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। स्थानीय SR राइस मिल में हुई ज़हरीली गैस रिसाव की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस जानलेवा हादसे में दो मज़दूरों ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण में लापरवाही के पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
मक्का मॉइस्चर रिमूवल टैंक बना मौत का कुआं
बताते चले कि, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह दुर्घटना उस समय घटी जब एक मज़दूर मिल में मक्का से मॉइश्चराइज़र निकालने के लिए टैंक के अंदर उतरा था। टैंक के भीतर जमा ज़हरीली गैस की चपेट में आते ही वह अंदर फंस गया और उसका दम घुटने लगा। घटना को देख पास में ही मौजूद दूसरा मज़दूर उसे बचाने के लिए साहस दिखाते हुए टैंक में उतरा, लेकिन ज़हरीली गैस के प्रभाव से वह भी अपनी सुध-बुध खो बैठा और उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों के अनुसार, गैस का स्तर इतना घातक था कि बचाव का कोई भी प्रयास निष्फल रहा।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई का मौके पर निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया। गुरुवार सुबह 9:50 बजे वे दल-बल के साथ SR राइस मिल पहुंचे और पूरी फैक्ट्री का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने उस विशेष ‘मक्का मॉइस्चर रिमूवल मशीन’ का भी निरीक्षण किया, जहाँ से गैस लीक हुई थी। निरीक्षण में एएसपी (साउथ) मनोज कुमार रावत, तहसीलदार चंदौसी रविंद्र विक्रम सिंह और नायब तहसीलदार सत्येंद्र चाहर भी उनके साथ मौजूद रहे। SP ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में हुई कोताही की गहराई से पड़ताल की जाएगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए त्वरित जांच के निर्देश
इस मानवीय त्रासदी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन को तुरंत राहत कार्य तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन और पीड़ित परिवारों के बीच मुआवजे और कानूनी पहलुओं पर चर्चा चल रही है। एसपी कृष्ण विश्नोई ने भरोसा दिलाया है कि घटना के लिए जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय लोग अब इस बात की मांग उठा रहे हैं कि इस प्रकार की मिलों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए कड़े सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।










