UP Politics: साक्षी महाराज की BJP को दो टूक, लोध समाज की उपेक्षा पर भड़के

उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कासगंज की एक जनसभा में लोध (लोधी) समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि समाज सरकार बनाने और गिराने की क्षमता रखता है और उसे सत्ता में सम्मानजनक भागीदारी मिलनी चाहिए। मंच से संदीप सिंह को सीएम बनाने की मांग भी उठी।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 30, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश के कासगंज में आयोजित एक जनसभा से बीजेपी के कद्दावर नेता और उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया है, जिसे सूबे की सियासत में एक बड़े भूचाल के रूप में देखा जा रहा है। उनके इस आक्रामक रुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अंदरूनी हलकों से लेकर विपक्षी खेमे तक में भारी खलबली मचा दी है। साक्षी महाराज ने इस मंच से खुले तौर पर अपनी ही सरकार और संगठन के सामने लोध (लोधी) बिरादरी की उपेक्षा का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कड़े लहजे में मांग की कि अब वह समय आ गया है जब समाज को सत्ता और संगठन दोनों ही जगहों पर एक ‘सम्मानजनक भागीदारी’ और उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनकी नाराजगी इस बात पर भी साफ झलकी कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदू हृदय सम्राट स्वर्गीय कल्याण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी शासन से अनुमति की भीख मांगनी पड़ती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री पद जैसे शीर्ष कमान में भी लोधी समाज की हिस्सेदारी बढ़नी चाहिए, जो सीधे तौर पर मौजूदा सियासी समीकरणों को खुली चुनौती है।

साक्षी महाराज ने पार्टी आलाकमान को चेतावनी दी

अपने संबोधन में तीखे तेवर अपनाते हुए साक्षी महाराज ने पार्टी आलाकमान को चेतावनी भरे लहजे में कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समाज की ताकत को कतई नजरअंदाज या कमतर नहीं आंका जा सकता। साक्षी महाराज ने दो टूक शब्दों में कहा, “हमें विवश मत करो। हम अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं करेंगे।” उन्होंने सूबे के सियासी गणित को समझाते हुए याद दिलाया कि यूपी में यह बिरादरी अपने दम पर सरकार बनाने और गिराने की अद्भुत क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मशहूर नारे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का हवाला देते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तथाकथित चौतरफा विकास में लोधी समाज की भी बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

कल्याण सिंह की विरासत और उमा भारती का जिक्र

कासगंज की इस गर्माहट भरी सभा में साक्षी महाराज ने प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह के ऐतिहासिक योगदान को बड़ी शिद्दत से याद किया। उन्होंने कहा कि यह कल्याण सिंह ही थे जिन्होंने भाजपा को केवल शहरों तक सीमित रहने वाली ‘सवर्णों की पार्टी’ के ठप्पे से बाहर निकालकर गांव-गांव और जन-जन की पार्टी के रूप में स्थापित किया था। साक्षी महाराज के अनुसार, अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की असल नींव रखने और उसकी राह प्रशस्त करने में बाबूजी कल्याण सिंह की भूमिका सबसे अहम रही है। इसके साथ ही उन्होंने कद्दावर नेत्री उमा भारती के योगदान को भी जमकर सराहा और उनके जरिए समाज की एकजुट राजनीतिक ताकत को एक बार फिर रेखांकित किया।

संदीप सिंह को मुख्यमंत्री बनाने की मांग

इस विशाल राजनीतिक सभा में सिर्फ साक्षी महाराज के तेवर ही नहीं बदले थे, बल्कि मंच पर मौजूद अन्य बड़े चेहरों ने भी अपनी बातें मजबूती से रखीं। एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह ने अपने परिवार की तीन पीढ़ियों द्वारा की गई निस्वार्थ राजनीतिक सेवा का भावुक जिक्र किया और कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत तो चलती रहती है। उन्होंने युवाओं के हित में प्रतियोगी परीक्षाओं में इंटरव्यू प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की वकालत की। इसी बीच मंच से सबसे बड़ी और चौंकाने वाली मांग यह उठी कि उत्तर प्रदेश के मौजूदा बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह को सूबे का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। इस अप्रत्याशित मांग को सभा में मौजूद भारी जनसैलाब ने हाथ उठाकर और नारे लगाकर अपना पूरा समर्थन दिया, जिसने लखनऊ तक सियासी तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।