Pellet Gun Case: पैलेट गन से घायल साहिल को न्याय कब? FIR के बाद राहुल का बड़ा हमला

पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। संसद मार्ग थाने के बाहर राहुल गांधी ने धरना देते हुए कहा कि साहिल के शरीर में अब भी छर्रे फंसे हैं और आंख में तीन पैलेट होने से उनकी रोशनी प्रभावित हुई है। राहुल ने FIR में देरी पर सवाल उठाए।

Pellet Gun Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 21, 2026

Pellet Gun Case: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। राहुल गांधी साहिल लोचब और उनके परिवार के समर्थन में संसद मार्ग स्थित डीसीपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। उनका आरोप है कि घटना को करीब एक महीना बीत जाने के बावजूद पीड़ित को अब तक न्याय नहीं मिला है।

साहिल लोचब की आंख में फंसे हैं पैलेट, राहुल गांधी ने उठाए सवाल

बताते चले कि, राहुल गांधी ने कहा कि पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के शरीर में अब भी कई छर्रे फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि साहिल की आंख में तीन पैलेट धंसे हुए हैं, जिसके कारण उनकी आंखों की रोशनी प्रभावित हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि इतनी गंभीर चोट के बावजूद मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़ित परिवार को लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी दिल्ली में एक पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है, तो देश के दूरदराज इलाकों में आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी।

राहुल गांधी का आरोप- FIR दर्ज कराने में सात घंटे लगे

इसी कड़ी में आगे, राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके धरने के करीब सात घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पुलिस के सामने कोई गलत मांग नहीं रखी थी, बल्कि केवल एक भारतीय नागरिक और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग की जा रही थी। राहुल गांधी के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों की ओर से एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन ऊपर से मंजूरी मिलने में देरी हुई।

पैलेट गन FIR को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल का निशाना

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज करने के लिए अंतिम मंजूरी गृह सचिव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से आनी थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस अधिकारी मामला दर्ज करना चाहते थे, तो फिर एफआईआर में इतनी देरी क्यों हुई। राहुल गांधी ने इसी आधार पर आरोप लगाया कि न्याय की प्रक्रिया पर ऊपर से रोक लगाई जा रही थी। हालांकि, यह राहुल गांधी का आरोप है और इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं हुई है।

संसद मार्ग थाने के बाहर राहुल गांधी का धरना

इससे पहले राहुल गांधी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और साहिल लोचब के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। बताया गया कि मामला जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए आंदोलनों के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से जुड़ा है। राहुल गांधी के थाने पहुंचने के बाद पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कांग्रेस का कहना है कि घायल साहिल और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए पार्टी लगातार आवाज उठा रही है।

कांग्रेस ने कहा- यह सामान्य FIR नहीं, पैलेट गन कार्रवाई का मामला

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी इस मामले को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि साहिल लोचब के वकील की मुख्य मांग एफआईआर दर्ज कराने की थी। जयराम रमेश के मुताबिक, यह कोई सामान्य एफआईआर नहीं है, बल्कि कथित पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामले की शिकायत है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद इस मामले में पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

FIR के बाद आगे क्या होगा, जांच पर टिकी नजर

साहिल लोचब के पैलेट गन से घायल होने के मामले में एफआईआर दर्ज होना फिलहाल इस विवाद में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है। अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट करना होगा कि पैलेट गन का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में हुआ, साहिल को चोट कैसे लगी और घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस पर लगातार सवाल उठा रही है, जबकि आगे की कार्रवाई जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।