Sabarimala temple opening : केरल का सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक सबरीमाला मंदिर मलयालम कैलेंडर के ‘एडवम’ (इडावम) महीने की मासिक पूजा के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। गुरुवार की शाम ठीक 5 बजे, मुख्य तंत्री कंदर महेश मोहनार की पावन गरिमामयी उपस्थिति में मंदिर के मुख्य गर्भगृह के पट पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ खोले गए और मुख्य दीप प्रज्वलित किया गया। कपाट खुलने के तुरंत बाद, मंदिर की प्रसिद्ध अठारहवीं सीढ़ी के ठीक नीचे स्थित गहरे पवित्र कुएं में अग्नि विसर्जित करने की रस्म निभाई गई। एडवम माह के पहले दिन, यानी शुक्रवार सुबह 5 बजे से ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान अयप्पा के दर्शन की अनुमति दे दी गई है। यह मंदिर पांच दिनों तक चलने वाली इस विशेष मासिक पूजा के बाद 19 मई को रात 10 बजे बंद कर दिया जाएगा।
एडवम महीने का विशेष महत्व और प्रतिष्ठा दिवस की मुख्य तिथियां
मलयालम पंचांग के अनुसार ‘एडवम’ या ‘इडावम’ साल का दसवां महीना माना जाता है, जिसकी शुरुआत अमूमन अंग्रेजी कैलेंडर के मध्य मई (14-15 मई) से होती है। इस पवित्र महीने के प्रथम दिन से ही, संध्या कालीन दीपाराधना के ठीक बाद, प्रसिद्ध अठारहवीं पाडी (सीढ़ियों) पर विशेष पाडी पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह अनुष्ठान मंदिर में होने वाली नियमित मासिक पूजाओं के अतिरिक्त संपन्न होता है। पांच दिनों की इस पूजा के संपन्न होने के बाद, मंदिर को एक बार फिर 25 मई को विशेष प्रतिष्ठा दिवस की पूजा के लिए खोला जाएगा, क्योंकि इस वर्ष मुख्य प्रतिष्ठा दिवस 26 मई को मनाया जाना है।
श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और कड़े प्रशासनिक नियम
इस विशेष मासिक पूजा को ध्यान में रखते हुए त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पंपा तथा नीलाक्कल सहित पूरे मंदिर परिसर में व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से सूचित किया है कि सबरीमाला दर्शन के लिए आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को केवल और केवल ‘वर्चुअल कतार’ (वर्चुअल क्यू) के माध्यम से ऑनलाइन स्लॉट बुक करना अनिवार्य होगा। बिना पूर्व ऑनलाइन बुकिंग के किसी भी श्रद्धालु को मंदिर की ओर जाने और दर्शन करने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी।
वर्चुअल कतार के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करने की चरणबद्ध प्रक्रिया
सबरीमाला दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को आधिकारिक वेबसाइट www.sabarimalaonline.org पर जाकर लॉग इन करना होगा। यदि कोई श्रद्धालु पहली बार इस ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर रहा है, तो उसे सबसे पहले ‘पंजीकरण करें’ बटन पर क्लिक करना होगा। खाता बनाने के लिए उपयोगकर्ता को अपना पूरा नाम, चालू मोबाइल नंबर, एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो और सरकारी पहचान पत्र (जैसे मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट आदि) की जानकारी दर्ज करनी होगी। जिन श्रद्धालुओं के पास पहले से ही सक्रिय खाता मौजूद है, वे सीधे अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड दर्ज करके वेबसाइट पर ‘लॉगिन’ कर सकते हैं।
स्लॉट का चयन, समूह बुकिंग और कूपन डाउनलोड करने का तरीका
सफलतापूर्वक लॉग इन करने के बाद, स्क्रीन पर आगामी मासिक पूजाओं और त्योहारों की तिथियों को दर्शाने वाला एक विस्तृत कैलेंडर दिखाई देगा। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार उपलब्ध तिथि और समय (स्लॉट) की जांच करके उसका चयन कर सकते हैं। एक व्यक्ति अपने एकल खाते के माध्यम से पूरे परिवार या मित्रों के समूह को भी जोड़ सकता है, बशर्ते प्रत्येक सदस्य की फोटो और पहचान पत्र की जानकारी सटीक रूप से प्रदान की जाए। इस पोर्टल पर अरवाना और अप्पम जैसे पवित्र प्रसादों को भी अग्रिम रूप से बुक करने की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध है। सभी आवश्यक जानकारी भरने के बाद, ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर एक रसीद या कूपन दिखाई देगा।
यात्रा के दौरान ध्यान रखने योग्य अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य दिशा-निर्देश
बुकिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्राप्त हुए ऑनलाइन कूपन को पीडीएफ (PDF) प्रारूप में डाउनलोड करके उसका प्रिंट आउट निकाल लें या उसे अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित सेव कर लें। तीर्थयात्रियों के लिए यह बेहद अनिवार्य है कि वे सबरीमाला यात्रा के समय अपने साथ वही मूल पहचान पत्र (ओरिजिनल आईडी प्रूफ) लेकर जाएं जिसका उपयोग उन्होंने ऑनलाइन बुकिंग के दौरान किया था। पंपा और नीलाक्कल में बने सुरक्षा जांच केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान इस वर्चुअल कतार कूपन को दिखाना अनिवार्य होगा। देवस्वम बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी बुकिंग सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है।
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