Russian Ruble 2026 : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आए दिन जंगली जानवरों के खतरनाक हमलों के वीडियो वायरल होते रहते हैं। इसी कड़ी में माइक्रोब्लॉगिंग साइट X (ट्विटर) पर एक बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसे अब तक लाखों की तादाद में देखा जा चुका है। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रात के घने अंधेरे में सुनसान सड़क पर एक शख्स अपनी मोटरसाइकिल पर आराम से बैठा हुआ है। तभी अचानक सड़क के किनारे लगी झाड़ियों में से एक आदमखोर तेंदुआ निकलकर उस पर जानलेवा छलांग लगा देता है
हमला होते ही शख्स घबराकर बाइक समेत जमीन पर गिर जाता है, लेकिन वह हिम्मत नहीं हारता। वह तुरंत खड़ा होकर अपने दोनों हाथ फैलाता है और तेंदुए का निडरता से सामना करने लगता है। शख्स की यह ‘बहादुरी’ देखकर तेंदुआ डर जाता है और वापस झाड़ियों की तरफ भाग जाता है। नेटिजंस इस वीडियो को सच मानकर शख्स के साहस की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
वैश्विक तनाव के बीच मजबूत हुआ रूसी रूबल, डॉलर को दी कड़ी पटखनी
एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर तेंदुए का यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक अर्थव्यवस्था के मोर्चे से रूस के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका (US) के बीच पिछले कई महीनों से जारी सैन्य तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण जहां दुनिया के कई बड़े देशों को भारी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं इस संकट के बीच रूस की चांदी हो रही है।
इस वैश्विक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बिक्री में अभूतपूर्व उछाल आया है, जिसके कारण रूस की आधिकारिक मुद्रा ‘रूबल’ (Russian Ruble) दुनिया की नंबर वन करेंसी बनकर उभरी है। ब्लूमबर्ग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, अप्रैल महीने की शुरुआत से लेकर अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रूसी रूबल करीब 12 प्रतिशत तक मजबूत हो चुका है। वर्तमान में यह 72.6 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है, जो फरवरी 2023 के बाद से रूबल का सबसे मजबूत और ऐतिहासिक स्तर माना जा रहा है।
सरकारी नीतियों और सख्त मौद्रिक फैसलों ने रूसी अर्थव्यवस्था को दिया बड़ा सहारा
लगातार दूसरे साल भी रूसी रूबल ने वैश्विक बाजार के तमाम विश्लेषकों और सरकारी अनुमानों के उलट जाकर अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है। इससे पहले आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा यह कयास लगाए जा रहे थे कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण रूस की मुद्रा काफी कमजोर हो जाएगी, लेकिन वर्तमान हालातों ने पूरी तस्वीर को बदलकर रख दिया है। रूस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और वहां की सरकार द्वारा अपनाई गई सख्त मौद्रिक नीति ने रूबल को गिरने से बचाए रखा है।
यूक्रेन के साथ जारी लंबे संघर्ष के दौरान होने वाले भारी सरकारी खर्चों को संतुलित और नियंत्रित करने के लिए रूस के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को काफी ऊंचे स्तर पर बनाए रखा है। सरकार के इस कदम से देश के भीतर विदेशी मुद्रा की मांग में भारी कमी आई, जिसका सीधा और सकारात्मक असर रूबल की मजबूती के रूप में देखने को मिला है।
रूस के मंत्रियों का बड़ा बयान, आने वाले सालों में और मजबूत हो सकती है करेंसी
इस शानदार आर्थिक प्रगति पर रूस के अर्थव्यवस्था मंत्री मैक्सिम रेशेट्निकोव (Maxim Reshetnikov) ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि रूस के वर्तमान आर्थिक मॉडल को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आने वाले सालों में भी रूबल की यह मजबूती लगातार बरकरार रह सकती है। उन्होंने आगे संकेत दिया कि अगर मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में तनाव की स्थिति इसी तरह जारी रहती है, तो आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।
ऐसी स्थिति में रूबल और अधिक मजबूत होकर 65 से 70 प्रति डॉलर के स्तर तक भी पहुंच सकता है। दूसरी ओर, रूस के वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव (Anton Siluanov) ने भी सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि प्रशासन फिलहाल रूबल की इस तेज मजबूती को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं है, क्योंकि तेल के निर्यात से होने वाली बंपर आय अभी भी देश की बजटीय जरूरतों और सरकारी योजनाओं को आसानी से पूरा करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है।










