Russia-Ukraine War: भीषण ठंड के बीच यूक्रेन पर रूस का सबसे शक्तिशाली मिसाइल हमला, अंधेरे में डूबे कई शहर; ऊर्जा संकट गहराया

माइनस 20 डिग्री तापमान और चारों तरफ अंधेरा! रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर अब तक का सबसे शक्तिशाली मिसाइल हमला कर पूरे देश को पाषाण युग में धकेल दिया है। क्या यूक्रेन इस 'विंटर वॉर' को झेल पाएगा या पुतिन की यह चाल युद्ध का अंत कर देगी? जानें तबाही का पूरा सच।

Russia-Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 4, 2026

Russia-Ukraine War:  रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष को अब लगभग चार साल का समय बीत चुका है, लेकिन शांति की कोई भी किरण फिलहाल नजर नहीं आ रही है। हाल ही में रूसी सेना ने यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करने के उद्देश्य से अब तक का सबसे भीषण हमला किया है। राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार, मॉस्को ने इस बार रिकॉर्ड संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया है। यूक्रेन की निजी ऊर्जा कंपनी डीटीईके (DTEK) ने इसे साल का “सबसे शक्तिशाली झटका” करार दिया है, जिसने कीव सहित देश के कई महत्वपूर्ण पावर प्लांट्स को निष्क्रिय कर दिया है।

शून्य से नीचे तापमान और बिजली विहीन होती राजधानी

रूस की ओर से यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन के कई हिस्सों में तापमान गिरकर -20 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। फरवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद से यह अब तक की सबसे कड़कड़ाती ठंड है। यूक्रेन सरकार का कहना है कि राजधानी कीव में 1,000 से अधिक रिहायशी टॉवर ब्लॉकों की बिजली गुल हो गई है, जिससे वहां हीटिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है। एएफपी (AFP) की रिपोर्ट के अनुसार, मलबे और जमी हुई बर्फ के बीच फंसे निवासी बेहद असहाय महसूस कर रहे हैं। कई इमारतों की खिड़कियां टूट चुकी हैं, और भीषण ठंड में लोगों के पास बचने का कोई साधन नहीं बचा है।

नागरिक हताहत और ऐतिहासिक स्मारकों को नुकसान

मंगलवार रात हुए इन हमलों में भारी तबाही हुई है। दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में मिसाइल गिरने से दो किशोरों की दुखद मौत हो गई। मानवीय क्षति के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों को भी निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सोवियत काल के एक द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक को इन हमलों में गंभीर क्षति पहुँची है। जेलेंस्की ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि पुतिन प्रशासन कूटनीति के बजाय “आतंकवाद” को तरजीह दे रहा है। उन्होंने वैश्विक समुदाय और सहयोगियों से अपील की है कि वे रूस पर “अधिकतम दबाव” बनाएं ताकि इस मानवीय त्रासदी को रोका जा सके।

शांति वार्ता से ठीक पहले रणनीतिक हमला

हैरानी की बात यह है कि रूस ने यह आक्रामक रुख तब अपनाया है जब दोनों देशों के वार्ताकार अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए मिलने वाले थे। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस के लिए लोगों को ठंड में तड़पाना कूटनीति की मेज पर आने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रयास की अवहेलना भी माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने व्लादिमीर पुतिन से युद्ध समाप्त करने और ठंड के दौरान हमलों को रोकने का आग्रह किया था।

नाटो और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तीखी प्रतिक्रिया

मंगलवार को कीव का दौरा करने वाले नाटो (NATO) प्रमुख मार्क रुटे ने रूसी हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के हमले यह दर्शाते हैं कि रूस शांति वार्ता के प्रति गंभीर नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी चिंता जताते हुए कहा कि वह चाहते थे कि रूसी राष्ट्रपति मानवीय आधार पर हमलों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दें। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा ग्रिड पर प्रहार करके रूस यूक्रेन के हौसले को तोड़ने की कोशिश कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में मानवीय संकट और गहरा सकता है।

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