Russia-Ukraine War: नीप्रो में यात्री बस पर रूसी ड्रोन हमला, 15 खनिकों की दर्दनाक मौत

यूक्रेन के नीप्रो क्षेत्र में उस समय चीख-पुकार मच गई जब ऊर्जा कंपनी DTEK के 15 खनिकों को ले जा रही बस पर रूसी कामिकेज़ ड्रोनों ने भीषण हमला कर दिया। शांति वार्ता की खबरों के बीच हुए इस हमले ने मानवता को झकझोर दिया है। क्या यह हमला जानबूझकर नागरिकों को डराने के लिए था?

Russia-Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 2, 2026

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे संघर्ष में एक और काला अध्याय जुड़ गया है। रविवार, 1 फरवरी 2026 को रूसी सेना ने यूक्रेन के नीप्रो शहर पर इस वर्ष का अब तक का सबसे भीषण और विनाशकारी हमला किया। एक ओर जहाँ दुनिया भर के राजनयिक शांति वार्ता की उम्मीदें संजो रहे थे, वहीं दूसरी ओर रूस के इन प्राणघातक हमलों ने पूरे यूक्रेन को दहला दिया है। विशेष रूप से नीप्रो शहर को निशाना बनाकर किए गए इस हमले ने न केवल स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी स्तब्ध कर दिया है। यह हमला दर्शाता है कि युद्ध की विभीषिका अभी शांत होने वाली नहीं है।

यात्री बस बनी निशाना: धू-धू कर जलीं जिंदगियां

स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं से मिली जानकारी के अनुसार, रूसी ड्रोन हमलों ने नीप्रो की सड़कों पर चल रही एक यात्री बस को सीधे अपना निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि पूरा इलाका दहल उठा और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। बस पर हुए इस सटीक हमले के कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें भीषण आग लग गई। हमले की वजह से आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और सड़कों पर गहरे गड्ढे बन गए। कुछ ही पलों में खुशहाल सड़कों पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल व्याप्त हो गया।

डीटीईके (DTEK) कंपनी का खुलासा: शिफ्ट से लौट रहे खनिकों पर हमला

यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी, DTEK ने इस घटना के बाद एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि हमला उनकी बस पर हुआ था। कंपनी के मुताबिक, बस में वे खनिक (Miners) सवार थे जो अपनी कड़ी मेहनत वाली शिफ्ट खत्म कर घर लौट रहे थे। इस कायरतापूर्ण हमले में 15 खनिकों की मौके पर ही झुलसने और चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उन्हें शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ऊर्जा कंपनी ने इसे ‘आतंकवादी कृत्य’ करार देते हुए कहा कि रूस जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और निर्दोष कामगारों को निशाना बना रहा है।

आतंकवादी कृत्य की निंदा: नागरिक बुनियादी ढांचे पर प्रहार

यूक्रेनी अधिकारियों और मानवाधिकार संगठनों ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है। नीप्रोपीट्रोव्स्क क्षेत्र के सैन्य प्रशासन का कहना है कि रूस अब सैन्य ठिकानों के बजाय नागरिक संसाधनों और आर्थिक रीढ़ को तोड़ने की रणनीति अपना रहा है। खनिकों पर हमला करना यह दर्शाता है कि दुश्मन का उद्देश्य केवल क्षेत्र जीतना नहीं, बल्कि यूक्रेनी जनता के मनोबल को पूरी तरह ध्वस्त करना है। डीटीईके कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों से इस मामले की जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।

शांति वार्ता पर संकट: अबू धाबी बैठक से पहले बढ़ी कड़वाहट

विडंबना यह है कि यह भीषण हमला उस समय हुआ जब शांति की संभावनाएं तलाशी जा रही थीं। राष्ट्रपति व्लादिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में घोषणा की थी कि अगले सप्ताह अबू धाबी में शांति वार्ता का एक नया दौर शुरू होने वाला है। ज़ेलेंस्की ने संकेत दिए थे कि यूक्रेन युद्ध को एक सम्मानजनक अंत तक पहुँचाने के लिए गंभीर है। लेकिन शांति वार्ता से ऐन पहले रूस द्वारा किए गए इस ‘सबसे बड़े हमले’ ने कूटनीतिक कोशिशों को गहरे संकट में डाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की हिंसा के बाद रूस के साथ किसी भी समझौते की मेज पर बैठना यूक्रेन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

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