Russia Ukraine War: दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर किया हमला, 15 लोगों की मौत

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिसमें 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंता बढ़ गई है। जानिए ताजा घटनाक्रम और इसके संभावित असर।

Russia Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 26, 2026

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Russia Ukraine War:  रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर और अधिक हिंसक होता दिखाई दे रहा है। दोनों देश लगातार एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले कर रहे हैं, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।रूस ने दावा किया है कि शनिवार को उसके नियंत्रण वाले जपोरिज्जिया क्षेत्र में स्थित हॉलिडे कैंपों पर यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों में 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार उत्तर-पूर्वी सुमी क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले के कारण तीन लोगों की जान चली गई। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने युद्ध समाप्त होने की उम्मीदों को और कमजोर कर दिया है।

लगातार हमलों से शांति वार्ता की उम्मीदें धूमिल

हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इससे पहले रूस ने कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों पर व्यापक हमला किया था, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत और करीब 100 लोग घायल हुए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाई लगातार जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे इन हमलों के कारण कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं लगातार कम होती जा रही हैं और युद्ध लंबा खिंचने के संकेत मिल रहे हैं।

जपोरिज्जिया और सुमी में जान-माल का भारी नुकसान

रूस की ओर से नियुक्त जपोरिज्जिया क्षेत्र के प्रमुख येवगेनी बालित्स्की ने बताया कि रिसॉर्ट और हॉलिडे कैंपों पर हुए हमलों में 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा 19 अन्य लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, यूक्रेन के सुमी क्षेत्र के प्रमुख ओलेह ग्रिहोरोव ने कहा कि रूसी ड्रोन हमले के बाद लगी आग में तीन लोगों की जान चली गई। उनके अनुसार, मृतक निजी डाक एवं कूरियर सेवा ‘नोवा पोश्ता’ के चालक थे, जो ड्यूटी के दौरान हमले की चपेट में आ गए।

ड्रोन हमले बने युद्ध का सबसे बड़ा हथियार

युद्ध के इस चरण में ड्रोन तकनीक दोनों देशों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियार बन चुकी है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने सुमी क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन के स्टोरेज और लॉन्च साइट को निशाना बनाया। वहीं दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के जपोरिज्जिया में रूसी ड्रोन हमले के कारण एक शॉपिंग सेंटर में आग लग गई, जिससे कई लोग घायल हुए। क्षेत्रीय प्रशासन के अनुसार आग लगभग 500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैल गई और राहत दलों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जेलेंस्की ने बड़े रूसी हमले की चेतावनी दी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने संबोधन में कहा कि खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार रूस बड़े मिसाइल हमले की तैयारी कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगले 48 घंटों के भीतर व्यापक सैन्य कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की। यूक्रेन की सेना भी संभावित हमलों को देखते हुए अपनी रक्षा तैयारियों को और मजबूत कर रही है।

यूक्रेन ने रूस के तेल और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को बनाया निशाना

यूक्रेन ने हाल के दिनों में रूस के भीतर स्थित ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स ढांचे पर भी ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। ट्युमेन क्षेत्र के गवर्नर ने बताया कि ड्रोन हमले के बाद एक तेल रिफाइनरी परिसर में आग लग गई। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए ट्युमेन के अलावा येकातेरिनबर्ग की लॉजिस्टिक्स सुविधा और रोस्तोव-ऑन-डॉन के ईंधन भंडारण केंद्र पर हमलों की पुष्टि की। विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन क्षमता में हुए विकास ने रूस के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, क्योंकि विशाल भूभाग की सुरक्षा करना उसके लिए कठिन साबित हो रहा है।

ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात और रोमानिया की बढ़ी सतर्कता

युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की मंगलवार को वॉशिंगटन में मुलाकात प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में युद्ध की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। दूसरी ओर, रोमानिया ने यूक्रेन सीमा के पास अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले एक ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है। यह लगातार दूसरे दिन की ऐसी घटना है। नाटो सदस्य देशों में ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं, जिससे पूरे यूरोप में सतर्कता का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है।

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