Russia Ukraine War : यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा संघर्ष अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुंच गया है। कीव द्वारा एकतरफा युद्धविराम की घोषणा और शांति की अपील के बावजूद, रूसी सेना ने यूक्रेन पर भीषण हमला बोल दिया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने अंतरराष्ट्रीय अपीलों को दरकिनार करते हुए कीव पर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर दी। इस ताजा हमले में कम से कम 27 लोगों की जान चली गई है, जबकि 120 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हमला उस समय हुआ जब यूक्रेन ने सद्भावना के तौर पर आधी रात से युद्ध रोकने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मॉस्को ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
ड्रोन युद्ध और जवाबी हमले: क्रीमिया में भी मचा कोहराम
रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने खुद ही अपने घोषित युद्धविराम का उल्लंघन किया है। मॉस्को का दावा है कि उसने मंगलवार शाम से बुधवार सुबह के बीच रूसी क्षेत्रों और कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर 53 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया। वहीं दूसरी ओर, क्रीमिया के झांकोई शहर में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले में पांच लोगों की मौत की खबर है। क्रीमिया के गवर्नर सर्गेई अक्सियोनोव ने पुष्टि की कि यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों ने रूसी रक्षा पंक्ति को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
पांचवें साल में प्रवेश करता युद्ध: आम नागरिकों पर मंडराता संकट
रूस और यूक्रेन के बीच यह पूर्ण पैमाने पर आक्रमण अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, इस लंबी खींचती लड़ाई में अब तक 15,000 से अधिक निर्दोष नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। यूक्रेनी आंतरिक मंत्री इहोर क्लिमेंको ने बताया कि हालिया हमलों में हताहत हुए सभी 27 लोग आम नागरिक थे। लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी फ्रंटलाइन पर रूस की विशाल सेना और यूक्रेन की अत्याधुनिक ड्रोन रक्षा प्रणाली के बीच एक धीमी लेकिन बेहद महंगी जंग जारी है, जिसका अंत फिलहाल नजर नहीं आ रहा है।
ज़ेलेंस्की की शांति पहल और रूस की कूटनीतिक चाल
यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमिर ज़ेलेंस्की ने द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह पहल शांति की दिशा में एक कदम है, लेकिन किसी भी उल्लंघन का सैन्य जवाब दिया जाएगा। वहीं, रूस द्वारा शुक्रवार और शनिवार को प्रस्तावित संक्षिप्त युद्धविराम को यूक्रेन ने एक पुरानी रणनीति करार दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अक्सर त्योहारों या विशेष अवसरों पर ऐसे प्रस्ताव केवल अपनी सैन्य शक्ति को पुनर्गठित करने के लिए देता है।
वैश्विक प्रतिक्रिया: यूरोप ने किया स्वागत, मगर जमीन पर स्थिति तनावपूर्ण
यूरोपीय देशों ने यूक्रेन के इस एकतरफा कदम की सराहना की थी और इसे शांति समझौते के प्रति एक ईमानदार संकेत बताया था। हालांकि, यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दुख जताते हुए लिखा कि रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपील को फिर से ठुकरा दिया है। बुधवार सुबह तक रूसी सेना ने कुल 108 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागीं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद युद्ध के मैदान में शांति स्थापित करना एक कठिन चुनौती बनी हुई है। अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयास भी अब तक इस रक्तपात को रोकने में विफल रहे हैं।
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