Russia Ukraine War : रूस का यूक्रेन में स्कूल पर भीषण हमला, 33 लोगों की मौत से मचा हड़कंप

यूक्रेन के जापोरिज्जिया में एक स्कूल अचानक भीषण बमबारी का निशाना बन गया। इमारत में नागरिकों ने शरण ले रखी थी और राहत सामग्री बांटी जा रही थी। हमले में 33 लोगों की मौत का दावा है, जबकि करीब 50 लोग लापता हैं। आखिर सुरक्षित शेल्टर भी क्यों नहीं बचा पाया उनकी जान?

Russia Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 4, 2026

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Russia Ukraine War :  यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के दौरान दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र से एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने कोमिशुवाखा इलाके में स्थित एक स्कूल की इमारत को निशाना बनाकर भीषण हमला किया। इस हमले में कम से कम 33 लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई है। जेलेंस्की ने इसे युद्ध के दौरान हुए सबसे घातक हमलों में से एक बताया है। उनके मुताबिक, स्कूल की इमारत पर कई बम गिराए गए।

राहत और शरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल हो रही थी इमारत

स्थानीय गवर्नर मिखाइलो सेमकिन के अनुसार, जिस इमारत पर हमला हुआ, उसका इस्तेमाल आम नागरिकों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए किया जा रहा था। यहां जरूरतमंद लोगों को मानवीय सहायता और राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही थी। युद्ध के कारण अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए कई लोगों ने इस इमारत में शरण ले रखी थी। ऐसे में यह स्थान स्थानीय नागरिकों के लिए राहत और सुरक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था।

डबल टैप हमले में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने का दावा

राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक, इमारत पर पहले हमला किया गया और उसके बाद दोबारा बमबारी की गई। उन्होंने दावा किया कि भवन पर कुल नौ बम गिराए गए। इस तरह पहले हमले के बाद उसी स्थान को फिर निशाना बनाने की रणनीति को आमतौर पर ‘डबल टैप’ हमला कहा जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में कम से कम 33 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 50 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश और राहत कार्य जारी होने की बात कही गई है।

बेसमेंट में शरण लिए लोगों की गई जान

गवर्नर सेमकिन ने बताया कि मृतकों में बड़ी संख्या उन लोगों की थी, जिन्होंने इमारत के बेसमेंट में शरण ली हुई थी। इस बेसमेंट को यूरोपीय संघ की सहायता से मजबूत सुरक्षा ढांचे के रूप में तैयार किया गया था, ताकि युद्ध के दौरान नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके। हालांकि, हमले में हुए धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक बताई गई कि इमारत का ढांचा क्षतिग्रस्त होकर ढह गया और वहां आग लग गई। इससे अंदर मौजूद लोगों के बचने की संभावना पर गंभीर असर पड़ा।

यूरोपीय संघ की मदद से बनाया गया था शेल्टर

बताया गया है कि इस शेल्टर को पिछले साल यूरोपीय संघ की सहायता से तैयार किया गया था। शुरुआत में इसका उद्देश्य युद्ध के हालात के बीच भी बच्चों की पढ़ाई जारी रखना और सुरक्षित कक्षाओं की व्यवस्था करना था। लेकिन युद्ध की स्थिति बिगड़ने और इलाके से नागरिकों के पलायन के बाद इस भवन का इस्तेमाल बदल दिया गया। अब यहां प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ राहत सामग्री बांटने और जरूरतमंदों को आश्रय देने का काम किया जा रहा था।

जेलेंस्की ने ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स पर हमले की जताई आशंका

इस घटना के बीच जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक और गंभीर आशंका जताई है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक रूस एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। उनके अनुसार, संभावित हमले में यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को निशाना बनाया जा सकता है। जेलेंस्की ने आशंका जताई कि अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के दौरान दुनिया का ध्यान यूक्रेन से हट सकता है। ऐसे समय में रूस इस स्थिति का फायदा उठाकर हमले तेज कर सकता है। हालांकि, इन दावों और संभावित हमले की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

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