Russia Ukraine Ceasefire: यूक्रेन के साथ 2 दिनों के युद्धविराम की घोषणा; क्या खत्म होगी जंग?

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के पावन अवसर पर यूक्रेन के साथ 2 दिवसीय युद्धविराम (Ceasefire) का बड़ा ऐलान किया है। 11 और 12 अप्रैल को रूसी सेना सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोके रखेगी।

Russia Ukraine Ceasefire

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 10, 2026

Russia Ukraine Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बाद अब रूस और यूक्रेन में भी युद्धविराम की घोषणा हुई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर सीजफायर का ऐलान किया। उन्होंने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि 11 अप्रैल से लेकर 12 अप्रैल की शाम तक यूक्रेन पर कोई सैन्य कार्रवाई न की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को उकसाने वाली कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए।

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ऑर्थोडॉक्स ईस्टर का महत्व

रूस में ऑर्थोडॉक्स ईस्टर 12 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इस मौके पर पुतिन ने उम्मीद जताई कि यूक्रेन भी इस युद्धविराम का पालन करेगा और दोनों देशों के बीच दो दिनों तक शांति बनी रहेगी। रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव ने सैन्य कमांडर और जनरल स्टाफ प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव को निर्देश भेजे हैं कि सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोक दी जाए।

सतर्क रहने का आदेश

हालांकि पुतिन ने अपनी सेना को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि यदि दुश्मन की ओर से कोई उकसावे वाली कार्रवाई होती है तो उसे तुरंत विफल किया जाए। हाल के दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच हमले तेज हुए हैं। यूक्रेन ने रूस के बाल्टिक सागर स्थित प्रमोर्सक और ब्लैक-सी पोर्ट नोवोरोसिस्क पर हमला कर तेल ठिकानों को नुकसान पहुंचाया था। इसके जवाब में रूस ने ड्रोन हमले किए और यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया।

चार साल से जारी जंग

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 से जारी है। चार साल लंबी इस जंग में अब तक लगभग 10 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन में मृतकों की संख्या 2.5 से 3 लाख के बीच बताई जा रही है। रूस ने लुहांस्क पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है, जबकि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र छोड़ने को तैयार नहीं है।

युद्ध का मूल कारण

रूस का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन को NATO का सदस्य बनने से रोकना है। वहीं यूक्रेन इस दबाव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इसी मुद्दे पर दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार जारी है।

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