RR vs CSK: आयुष म्हात्रे की ‘बड़ी लापरवाही’ ने कराया CSK का बुरा हाल, राजस्थान ने 12 ओवर में जीता मैच

आईपीएल 2026 के तीसरे मैच में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को बुरी तरह रौंद दिया। 127 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान ने वैभव सूर्यवंशी के तूफानी अर्धशतक की बदौलत मैच को एकतरफा बना दिया। लेकिन क्या आयुष म्हात्रे का शून्य पर आउट होना ही सबसे बड़ी वजह थी?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 31, 2026

RR vs CSK:  इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का आगाज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा है। पांच बार की चैंपियन टीम को अपने सीजन के पहले ही मुकाबले में न केवल हार का सामना करना पड़ा, बल्कि यह हार इतने बड़े अंतर से मिली कि टीम का नेट रन रेट (NRR) शुरुआती दौर में ही काफी नीचे गिर गया है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि टूर्नामेंट की शुरुआत में इस तरह की हार टीम के मनोबल पर विपरीत असर डाल सकती है। हालांकि हार के लिए पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में एक खिलाड़ी को इस हार का ‘सबसे बड़ा विलेन’ माना जा रहा है, जिसने न केवल बल्ले से निराश किया बल्कि टीम का बहुमूल्य निर्णय समीक्षा प्रणाली (DRS) भी बर्बाद कर दिया।

संजू सैमसन का फ्लॉप डेब्यू और रुतुराज की नाकामी: ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम

आईपीएल 2026 में चेन्नई की टीम एक नई सलामी जोड़ी के साथ मैदान पर उतरी थी। राजस्थान रॉयल्स से चेन्नई के बेड़े में शामिल हुए स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन से प्रशंसकों को काफी उम्मीदें थीं। संजू और कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने पारी का आगाज किया, लेकिन राजस्थान के गेंदबाजों के सामने यह जोड़ी टिक नहीं सकी। टीम का स्कोर जब महज 14 रन था, तभी संजू सैमसन मात्र 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके तुरंत बाद कप्तान रुतुराज गायकवाड़ भी 6 रन के निजी स्कोर पर अपना विकेट गंवा बैठे। 19 रन के कुल योग पर टीम के दोनों अनुभवी सलामी बल्लेबाजों का आउट होना चेन्नई के लिए एक बड़ा झटका था, जिसने मध्यक्रम पर भारी दबाव बना दिया।

आयुष म्हात्रे की बचकानी गलती: ‘डक’ पर आउट होकर बर्बाद किया डीआरएस

कप्तान के आउट होने के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे आए। म्हात्रे से टीम को एक संभली हुई पारी की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने जो किया वह प्रशंसकों और टीम प्रबंधन के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। आयुष म्हात्रे अपनी पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले (डक) आउट हो गए। ताज्जुब की बात यह रही कि आउट होने के बाद उन्होंने एक बेहद खराब डीआरएस (DRS) कॉल लिया। रिप्ले में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया था और सीधे विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के दस्तानों में समा गई थी। भारत की अंडर-19 टीम की कप्तानी कर चुके खिलाड़ी से इस तरह की बुनियादी गलती की उम्मीद किसी को नहीं थी। म्हात्रे न केवल शून्य पर आउट हुए, बल्कि टीम का एकमात्र रिव्यू भी साथ ले गए।

एक ही स्कोर पर गिरे दो विकेट: संकट में फंसी चेन्नई की पारी

मैच का सबसे नाजुक मोड़ वह था जब 19 रन के स्कोर पर कप्तान रुतुराज आउट हुए और ठीक उसी स्कोर पर आयुष म्हात्रे भी चलते बने। यानी बिना एक भी रन जोड़े टीम ने अपने दो महत्वपूर्ण विकेट खो दिए। इस झटके से चेन्नई की टीम पूरे मैच के दौरान उबर नहीं पाई। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयुष म्हात्रे क्रीज पर टिककर कुछ रन बनाते, तो आने वाले बल्लेबाजों के लिए मंच तैयार हो सकता था। लगातार विकेट गिरने के दबाव के कारण मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल सके, जिसका परिणाम यह हुआ कि चेन्नई की टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक भी नहीं पहुँच सकी।

क्या चेन्नई कर पाएगी जोरदार वापसी?

चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह हार एक वेक-अप कॉल की तरह है। टीम को अपनी बल्लेबाजी रणनीति और मैदान पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार करने की जरूरत है। विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों को दबाव की स्थिति में अधिक जिम्मेदारी के साथ खेलने की आवश्यकता है। प्रशंसक अब उम्मीद कर रहे हैं कि अगले मैच में टीम अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर मैदान पर उतरेगी और टूर्नामेंट में जोरदार वापसी करेगी। संजू सैमसन और रुतुराज जैसे बड़े नामों को आगे बढ़कर नेतृत्व करना होगा ताकि चेन्नई की साख बनी रहे।