Health Tips: कौन सा तेल है सबसे बेहतर? जानिए रोजाना कुकिंग ऑयल चुनने के सही विकल्प

स्वस्थ जीवन के लिए रोज़ाना इस्तेमाल होने वाले तेलों की सुरक्षा और लाभ पर नई रिसर्च में खुलासा, जानिए कौन सा तेल आपकी सेहत और वजन दोनों के लिए सबसे सही विकल्प साबित हो रहा है, और क्यों विशेषज्ञ इसे हर घर में अपनाने की सलाह दे रहे हैं

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जनवरी 30, 2026

Health Tips: हमारी रोज़मर्रा की डाइट और उसमें इस्तेमाल होने वाला तेल सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य पर असर डालता है। खासकर दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह ज़रूरी है कि हम समझदारी से कुकिंग ऑयल का चुनाव करें। आइए जानते हैं कौन से तेल रोज़ाना इस्तेमाल के लिए बेहतर हैं और किनसे बचना चाहिए।

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सरसों का तेल

कौन सा तेल है सबसे बेहतर?
कौन सा तेल है सबसे बेहतर?
  • लोकप्रियता: उत्तर और पूर्वी भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है।
  • फायदे: इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड का संतुलन होता है। इसका स्मोक पॉइंट ऊँचा है, इसलिए तलने और भूनने के लिए सुरक्षित है।
  • ध्यान रखें: इसे पकाने से पहले अच्छी तरह गरम करें ताकि इसका तीखापन कम हो जाए।

मूंगफली का तेल

मूंगफली का तेल
मूंगफली का तेल
  • फायदे: इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) भरपूर मात्रा में होता है, जो दिल के लिए अच्छा है।
  • स्वाद: हल्का स्वाद होने के कारण यह खाने का असली स्वाद नहीं बदलता।
  • बेस्ट उपयोग: हर तरह की कुकिंग और डीप फ्राइंग के लिए उपयुक्त।

तिल का तेल

तिल का तेल
तिल का तेल
  • विशेषता: दक्षिण भारतीय व्यंजनों में इसका खास महत्व है।
  • फायदे: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट (Sesamol) गरम करने पर भी नष्ट नहीं होते।
  • स्वास्थ्य लाभ: यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

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राइस ब्रान ऑयल

राइस ब्रान ऑयल
राइस ब्रान ऑयल
  • क्यों अच्छा है: इसमें ‘ओरिज़ानॉल’ पाया जाता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
  • स्मोक पॉइंट: बहुत ऊँचा होता है, जिससे यह पूरी और पकोड़े तलने के लिए आदर्श है।
  • लोकप्रियता: आजकल स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा इसकी खूब चर्चा की जाती है।

किन तेलों से बचें

  • रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल्स: जैसे सोयाबीन, सूरजमुखी और कॉर्न ऑयल। इनमें ओमेगा-6 बहुत अधिक होता है, जो शरीर में सूजन बढ़ा सकता है।
  • डालडा या वनस्पति घी: इनमें ट्रांस फैट्स होते हैं, जो दिल की बीमारियों का बड़ा कारण हैं।

तेल बदलने की आदत

डॉक्टर और डाइटिशियन सलाह देते हैं कि हर 1-2 महीने में कुकिंग ऑयल बदलते रहना चाहिए। या फिर दो तेलों का मिश्रण (जैसे सरसों और मूंगफली) इस्तेमाल करना चाहिए। इससे शरीर को अलग-अलग तरह के फैटी एसिड मिलते रहते हैं और स्वास्थ्य संतुलित रहता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सुझावों के लिए है। यह किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा, डायटिशियन या विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी नए तेल या स्वास्थ्य उपाय को अपनाने से पहले कृपया अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श लें।

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