Rohit Sharma Century: रोहित शर्मा ने शार्दुल ठाकुर के बल्ले से जड़ा 34वां वनडे शतक, लॉर्ड्स में रचा इतिहास

भारतीय टीम के ओपनर रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में अपने साथी शार्दुल ठाकुर के बल्ले से करियर का 34वां शतक जड़ा। रोहित ने 138 रनों की आतिशी पारी खेलकर संन्यास की अफवाहों को खारिज किया और 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

Rohit Sharma Century

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 20, 2026

Rohit Sharma Century: भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स (Lord’s) के मैदान पर अपने बल्ले का नहीं, बल्कि एक अनोखा जादू बिखेरा। सीरीज के तीसरे और अंतिम वनडे मैच में ‘हिटमैन’ ने अपने वनडे इंटरनेशनल करियर का 34वां शानदार शतक जड़ा।

किसके बल्ले से रोहित ने जड़ा शतक ?

हालांकि, इस ऐतिहासिक शतकीय पारी के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाली बात सामने आई। रोहित शर्मा ने यह कीर्तिमान अपने निजी बल्ले से नहीं, बल्कि टीम में अपने साथी खिलाड़ी और तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर के बल्ले (Willow) से हासिल किया। मैच के दौरान जब टेलीविजन कैमरों ने रोहित के बल्ले के निचले हिस्से को ज़ूम किया, तो वहां साफ तौर पर शार्दुल ठाकुर का नाम लिखा हुआ दिखाई दिया। कमेंट्री बॉक्स में बैठे शार्दुल ने भी बाद में इस बात की पुष्टि की कि जब रोहित को अपने बल्ले से सही ग्रिप और टाइमिंग नहीं मिल रही थी, तो उन्होंने ड्रेसिंग रूम से उनका बल्ला मांगकर बैटिंग की थी।

रिकॉर्ड बुक में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ नाम

आपको बता दे कि, इस जादुई पारी के दम पर रोहित शर्मा ने रिकॉर्ड्स बुक में अपना नाम हमेशा-हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वे लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर एकदिवसीय क्रिकेट में शतक बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने महान सचिन तेंदुलकर (93 रन) के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस मुकाबले में भारतीय टीम के सामने इंग्लैंड ने 388 रनों का विशाल और पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था।

रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए रोहित ने 110 गेंदों का सामना करते हुए 17 गगनचुंबी चौकों और 5 शानदार छक्कों की मदद से 138 रनों की आतिशी पारी खेली। उन्होंने विराट कोहली और शुभमन गिल के साथ मिलकर टीम इंडिया को मैच में आखिरी समय तक बनाए रखा। हालांकि, रोहित के इस कप्तानी शतक के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य से 27 रन पीछे रह गई और भारत ने 360/7 के स्कोर पर पारी समाप्त की, जिसके चलते इंग्लैंड ने तीन मैचों की यह वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

संन्यास की अफवाहों और आलोचकों को करारा जवाब

लॉर्ड्स में आया यह शतक रोहित शर्मा के करियर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। मैच से ठीक पहले मीडिया और सोशल मीडिया पर यह अफवाहें बेहद गर्म थीं कि यह रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी वनडे मैच हो सकता है और सिलेक्टर्स अब आगे की सोच रहे हैं। ‘हिटमैन’ ने इन तमाम कयासों और आलोचनाओं का जवाब अपने मुंह से देने के बजाय अपने शानदार खेल से दिया। 39 साल की उम्र में इस ऐतिहासिक वेन्यू पर दमदार सैकड़ा ठोककर उन्होंने यह साबित कर दिया कि उनके भीतर अभी बहुत क्रिकेट बाकी है। इस धमाकेदार कमबैक के जरिए उन्होंने 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप (ODI World Cup 2027) के लिए भी अपनी मजबूत दावेदारी और उपयोगिता दुनिया के सामने पेश कर दी है, जिसने आलोचकों के मुंह पर पूरी तरह ताला लगा दिया है।

संन्यास और भविष्य की योजनाओं पर दो-टूक बयान

मैच की समाप्ति के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय संन्यास की खबरों पर लगी अटकलों पर खुद चुप्पी तोड़ी। उन्होंने बेहद शांत और परिपक्व लहजे में कहा कि वे ड्रेसिंग रूम के बाहर की आवाजों और अनावश्यक मीडिया ट्रेल पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘देखिए, एक खिलाड़ी के तौर पर मैदान के भीतर मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बल्ले के साथ प्रदर्शन करना है। मेरा काम है क्रीज पर आना और अपनी पूरी क्षमता से खेलना। जब मैंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू किया था, तब भी मुझसे यही कहा गया था कि देश और अपनी टीम का पूरी ईमानदारी से प्रतिनिधित्व करो। आज इतने सालों बाद भी मैं ठीक वही काम कर रहा हूं और मेरा ध्यान केवल टीम को जीत दिलाने पर केंद्रित है।’