Tej Pratap Yadav Arrest: छात्रों का समर्थन करना अपराध है?” भाई तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर रोहिणी आचार्य के तीखे सवाल

नीट पेपर लीक छात्र आंदोलन के दौरान जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर रोहिणी आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सम्राट चौधरी सरकार पर तानाशाही और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। रोहिणी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Tej Pratap Yadav Arrest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 26, 2026

Tej Pratap Yadav Arrest: नीट-यूजी पेपर लीक (NEET Paper Leak) के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होने के आरोप में जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत में आंधी सी आ गई है। भाई की गिरफ्तारी पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और नेत्री रोहिणी आचार्य बुरी तरह भड़क उठी हैं। उन्होंने इसे सीधे तौर पर सम्राट चौधरी सरकार की तानाशाही कार्रवाई करार दिया है। साथ ही यह गंभीर आरोप लगाया है कि मौजूदा सरकार प्रशासनिक मशीनरी और पुलिस बल का घोर दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों का मुंह बंद करने और जन-आंदोलनों की ताकत को कुचलने की साजिश रच रही है।

रोहिणी आचार्य ने एक्स पर उठाए तीखे सवाल

बताते चले कि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर आक्रामक तेवर अपनाते हुए रोहिणी आचार्य ने सरकार से सीधा सवाल किया कि “बिहार की जनता पूछ रही है—क्या शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर उठने वाली छात्रों और युवाओं की आवाज का समर्थन करना आज के दौर में कोई बड़ा अपराध बन गया है?” उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि सम्राट सरकार की पुलिस द्वारा पूरी तरह से तथ्यहीन और मनगढ़ंत मामलों में तेज प्रताप यादव की यह गिरफ्तारी सीधे तौर पर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का नंगा नाच है। उन्होंने दो टूक कहा कि छात्रों और आम जनता के हक की लड़ाई लड़ना हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य है, जिसे सरकार बदले की भावना से कुचलने में लगी है।

रोहिणी आचार्य ने सरकार की कार्यशैली पर खड़े किए बड़े सवाल

आपको बता दे कि, सरकार की दमनकारी नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि प्रदर्शनकारियों की यह गिरफ्तारी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रशासन सत्ता के खिलाफ उठने वाले हर एक असंतोष के स्वर को कुचलना चाहता है। उन्होंने सरकार की न्याय व्यवस्था पर तंज कसते हुए बेहद कड़े शब्दों में सवाल किया, “यह कैसी व्यवस्था है, जहां गंभीर मामलों के आरोपी सत्ता के शीर्ष पर बैठ जाते हैं, लेकिन देश के उज्ज्वल भविष्य और हक के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष करने वाले बेगुनाह युवाओं और नेताओं को झूठे आरोपों में फंसाकर सलाखों के पीछे भेज दिया जाता है?”

14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए तेज प्रताप

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शनों और गतिविधियों के सिलसिले में जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को बीती शनिवार (25 जुलाई) की रात पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद रविवार (26 जुलाई) को उन्हें पटना की एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सीधा जेल भेज दिया गया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से सूबे की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है और विपक्षी दलों के लगातार विरोध के चलते यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है।