Rohini Acharya News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों से सोने की खरीदारी कम करने और पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की अपील किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री की इस सलाह पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा।
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री की नसीहतें केवल आम जनता के लिए होती हैं, जबकि वे खुद और उनकी सरकार के नेता इन बातों का पालन नहीं करते। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि बेहतर होता अगर प्रधानमंत्री अपने उपदेशों के साथ “कंडीशन्स अप्लाई” भी जोड़ देते या फिर इन कटौतियों की शुरुआत खुद से करते।
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“चुनाव खत्म होते ही शुरू हो गया प्रवचन मोड”
रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री की तरफ से इस तरह की सलाह आना कोई नई बात नहीं है। उनके मुताबिक जनता पहले से ही समझ रही थी कि चुनाव खत्म होते ही प्रधानमंत्री फिर से “प्रवचन मोड” में आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार जनता को राहत देने और बड़े वादे करने में जुटी रहती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही आम लोगों को बचत और कटौती की सलाह दी जाने लगती है। रोहिणी ने आरोप लगाया कि सरकार आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ डाल रही है, जबकि खुद अपने खर्चों में कमी लाने को तैयार नहीं है।
पेट्रोल-डीजल की खपत पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने वाली अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में तेल की बचत को लेकर गंभीर है, तो इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री और उनके काफिले से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पहले अपनी बुलेट-प्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल कम करना चाहिए और उनके लंबे-चौड़े काफिले में चलने वाली दर्जनों गाड़ियों की संख्या घटानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री को विशेष विमानों की बजाय सामान्य यात्री विमानों में यात्रा करनी चाहिए, ताकि ईंधन की वास्तविक बचत हो सके। रोहिणी ने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद बड़े पैमाने पर संसाधनों का इस्तेमाल करती है, तो आम जनता को ही बार-बार त्याग और बचत की सलाह क्यों दी जाती है।
विदेश यात्राओं पर भी उठाए सवाल
अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों को विदेश घूमने से बचने और पैसा बचाने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन उनके खुद के विदेशी दौरों पर अरबों रुपये खर्च होते हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि अगर प्रधानमंत्री वास्तव में देश का पैसा बचाना चाहते हैं, तो उन्हें खुद घोषणा करनी चाहिए कि अब वे विदेश यात्राएं कम करेंगे। रोहिणी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरी दुनिया का दौरा कर चुके हैं, इसलिए अब उन्हें सरकारी खर्चों में कटौती का उदाहरण खुद पेश करना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
रोहिणी आचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री के बयानों पर सवाल उठा रहा है, जबकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील देशहित और आर्थिक मजबूती के लिए है। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
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