Bihar News: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री और राजनीति में सक्रिय चेहरा रोहिणी आचार्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा की वजह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल करने वाले जालसाज हैं। रोहिणी आचार्य ने अपने नाम से चल रहे फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बिहार पुलिस की साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जालसाजों और फेक प्रोफाइल्स का पर्दाफाश
पिछले कुछ समय से फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर रोहिणी आचार्य के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर कई फर्जी अकाउंट्स चलाए जा रहे थे। रोहिणी ने खुलासा किया कि इन नकली प्रोफाइल्स के जरिए कुछ असामाजिक तत्व लगातार आपत्तिजनक, अमर्यादित और भ्रामक सामग्री (Inappropriate Content) पोस्ट कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी छवि धूमिल हो रही है, बल्कि जनता के बीच गलत जानकारी भी फैल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे तत्वों की पहचान की जा रही है जो पर्दे के पीछे से यह शरारत कर रहे हैं।
साइबर सेल में दर्ज शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहिणी आचार्य ने आधिकारिक तौर पर बिहार पुलिस के साइबर विंग को सूचित किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि इन फेक आईडी को चलाने वाले गिरोह को जल्द ही ट्रैक कर लिया जाएगा। रोहिणी ने अपने आधिकारिक हैंडल से चेतावनी देते हुए लिखा कि उनके असली अकाउंट्स केवल ‘ब्लू टिक’ (@RohiniAcharya2) वाले ही हैं। इसके अलावा किसी भी अन्य अकाउंट से किए गए पोस्ट के लिए वे जिम्मेदार नहीं होंगी। साइबर एक्सपर्ट्स अब इन खातों के आईपी एड्रेस (IP Address) खंगालने में जुटे हैं।
सारण लोकसभा चुनाव और रोहिणी आचार्य का राजनीतिक सफर
रोहिणी आचार्य भारतीय राजनीति में अपनी निडरता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी दान कर पूरे देश में मिसाल पेश की थी, जिसके बाद उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई। हाल ही में उन्होंने बिहार की हाई-प्रोफाइल सारण लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, कड़े मुकाबले में उन्हें जीत हासिल नहीं हुई, लेकिन वे सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर विपक्ष के खिलाफ काफी मुखर रहती हैं। यही वजह है कि उनके नाम का इस्तेमाल कर फर्जी नैरेटिव सेट करने की कोशिश की जा रही है।
भ्रामक कंटेंट और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता
रोहिणी आचार्य ने अपने समर्थकों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित (Unverified) जानकारी पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर अमर्यादित टिप्पणी करना एक गंभीर अपराध है। इस कदम के जरिए उन्होंने संदेश दिया है कि डिजिटल युग में अपनी पहचान की सुरक्षा करना अनिवार्य है। अब सबकी नजरें बिहार पुलिस पर हैं कि वे इन ‘साइबर अपराधियों’ को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचाते हैं।









