Robert Vadra Court Bail : मनी लॉन्ड्रिंग मामला, शिकोहपुर लैंड डील केस में रॉबर्ट वाड्रा को मिली अदालती जमानत

गुड़गांव के चर्चित शिकोहपुर लैंड डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय की तीखी दलीलों और विरोध को दरकिनार करते हुए कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी। आखिर इस जमीन सौदे का असली सच क्या है?

Robert Vadra Court Bail

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 16, 2026

Robert Vadra Court Bail :  दिल्ली के बहुचर्चित शिकोहपुर भूमि सौदे (लैंड डील) से जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के एक गंभीर मामले में जाने-माने कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा शुक्रवार को दिल्ली की राऊज एवेन्यू अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा इस मामले में दाखिल की गई विस्तृत चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद, अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को कानूनी समन जारी कर अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था। शिकोहपुर लैंड डील से जुड़े प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के इस संवेदनशील मामले में जांच एजेंसी ने वाड्रा की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए आरोप पत्र दाखिल किया था। कोर्ट से समन मिलने के बाद वाड्रा शुक्रवार को अपने कानूनी सलाहकारों के साथ अदालत परिसर पहुंचे और आगे की कानूनी कार्यवाही में शामिल हुए।

वकील की अदालत में दलील: गिरफ्तारी नहीं हुई, इसलिए रिहाई दी जाए

मामले की न्यायिक सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा के पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने अदालत के सामने अपनी दलीलें पेश कीं। वाड्रा के वकील ने अदालत से कहा कि इस मामले में जमानत मांगने या न मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि जांच के दौरान उनके मुवक्किल को ईडी द्वारा कभी भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया था। वकील ने तर्क दिया कि चूंकि रॉबर्ट वाड्रा को इस पूरे घटनाक्रम में कभी भी हिरासत में नहीं लिया गया और उन्होंने हमेशा जांच में पूरा सहयोग किया है, इसलिए अदालत को उन्हें बिना किसी शर्त के रिलीज (मुक्त) कर देना चाहिए। वकीलों ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि उनके मुवक्किल भविष्य में भी हर कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अदालत ने मंजूर की राहत: 50 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर दी जमानत

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले से जुड़े कानूनी दस्तावेजों का गहन अवलोकन करने के बाद, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को राहत देने का फैसला किया। अदालत ने तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए रॉबर्ट वाड्रा की जमानत याचिका को मंजूरी दे दी। विशेष अदालत ने वाड्रा को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके (बेल बॉन्ड) और इतनी ही राशि की एक स्थानीय श्योरिटी (जमानतदार) पेश करने की शर्त पर कानूनी राहत प्रदान की। कोर्ट के इस फैसले से वाड्रा को फिलहाल इस मामले में एक बड़ी राहत मिल गई है, जिससे वे जेल जाने से बच गए हैं।

न्यायालय पर पूरा भरोसा: कोर्ट पहुंचने पर वाड्रा ने कहा, ‘सब अच्छा है

शुक्रवार को जब रॉबर्ट वाड्रा राऊज एवेन्यू कोर्ट परिसर पहुंचे, तो वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और मामले को लेकर कई सवाल पूछे। वाड्रा ने इन सवालों का बेहद संक्षिप्त और मुस्कुराते हुए जवाब दिया और कहा, “सब अच्छा है, आप सभी का धन्यवाद।” इसके बाद मीडिया से औपचारिक बात करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उन्हें देश की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वे पूरी तरह से बेदाग हैं। उन्होंने कहा कि अदालत की कार्यवाही के दौरान उनसे जो भी सवाल पूछे जाएंगे, वे उन सभी का पूरी ईमानदारी और कानूनी दायरे में रहकर जवाब देंगे।

जांच एजेंसियों पर साधा निशाना: सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप

अदालत से राहत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने मौजूदा सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों पर जमकर राजनीतिक तंज कसा। वाड्रा ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूरी तरह से केंद्र सरकार के राजनीतिक इशारों और दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और उनसे जुड़े लोगों को निशाना बनाने के लिए इन एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और उन्हें भी सिर्फ इसी राजनीतिक प्रतिशोध का सामना करना पड़ रहा है। वाड्रा ने दावा किया कि वे पहले भी कई बार एजेंसियों के सामने पेश हो चुके हैं और इस बार भी वे हर राजनीतिक और कानूनी चुनौती का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार हैं।

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