UP News: गोरखपुर में महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क और वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण का काम पूरा होने के बाद अब इनके उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। नक्षत्रशाला के उद्घाटन का कार्यक्रम नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। तैयारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नक्षत्रशाला का लोकार्पण कराया जा सकता है। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री नक्षत्रशाला का पहला शो भी देख सकते हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने किया स्थलीय निरीक्षण

बताते चले कि, उद्घाटन से पहले गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने दोनों परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को बचे हुए काम तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री अनिल कुमार ने कार्यदायी संस्था गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) और निर्माण में लगी तीनों फर्मों के प्रतिनिधियों के साथ कार्यों की स्थिति की समीक्षा की।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, समयसीमा में पूरे हों सभी काम
निरीक्षण के दौरान मंत्री अनिल कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं से जुड़े सभी शेष कार्य निर्धारित समय में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उद्घाटन की संभावित समयसीमा को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
18.60 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क

महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर करीब 18.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के निदेशक-सचिव रमेश चंद्र के साथ पार्क के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण और स्थापना से जुड़े कार्यों की प्रगति को मौके पर देखा।
साइंस गैलरी और इनोवेशन लैब का भी लिया जायजा
ज्ञान-विज्ञान पार्क में तैयार की जा रही एन्सिएंट इंडियन साइंस गैलरी, इनोवेशन लैब, फन साइंस और स्पेस साइंस गैलरी का मंत्री ने निरीक्षण किया। इसके अलावा आउटडोर साइंस मॉडल, एंट्रेंस प्लाजा, कैफेटेरिया, पाथवे और ओपन एयर थिएटर के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली गई। बस पार्किंग और डायनोटोरियम के मॉडल की स्थापना से जुड़े कार्यों की स्थिति भी देखी गई।
इंटरैक्टिव साइंस मॉडल से विद्यार्थियों को मिलेगा नया अनुभव

मंत्री ने एस्ट्रोनॉमी एंड इंडियन स्पेस प्रोग्राम गैलरी और एल्युमिनियम डोम की स्थापना की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पार्क में इंटरैक्टिव साइंस मॉडल और आधुनिक वैज्ञानिक प्रदर्शनियों को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे प्रयोग और अनुभव के जरिए समझने का अवसर देना है। इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने पर जोर रहेगा।
46.88 करोड़ रुपये से वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण पर करीब 46.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने GDA अधिकारियों और निर्माण कार्य में शामिल मेसर्स चंद्र इवेंट्स एंड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स खुशी इंटरप्राइजेज तथा मेसर्स इंफोविजन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान शेष कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
आधुनिक नक्षत्रशाला में नई तकनीक से समझ सकेंगे अंतरिक्ष विज्ञान
मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि आधुनिकीकृत नक्षत्रशाला में लोगों और विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान को नई तकनीक के जरिए सरल और रोचक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। नक्षत्रशाला में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अंतरिक्ष से जुड़े विषयों को ज्यादा प्रभावी तरीके से प्रदर्शित करने की तैयारी है।
नवंबर में उद्घाटन और पहले शो पर टिकी नजरें
परियोजनाओं के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण का काम अंतिम चरण में पहुंचने के साथ अब उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर तैयारियां बढ़ गई हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नक्षत्रशाला का उद्घाटन किए जाने की तैयारी है। उद्घाटन अवसर पर पहले शो के प्रदर्शन की भी योजना बताई जा रही है। निरीक्षण के बाद अधिकारियों को शेष कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
स्थलीय निरीक्षण के दौरान GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता राजबहादुर सिंह, नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों से मंत्री को अवगत कराया।









