Mrityunjay Tiwari Resigned: लालू यादव के करीबी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का इस्तीफा, पार्टी में ‘दीमक’ लगने का आरोप

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर कुछ लोग दीमक की तरह उसे खत्म कर रहे हैं।

Mrityunjay Tiwari

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 16, 2026

Mrityunjay Tiwari Resigned: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में गुरुवार को उस समय खलबली मच गई, जब पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता और लालू प्रसाद यादव के बेहद भरोसेमंद माने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। 2014 से पार्टी की मीडिया कमान संभाल रहे और प्रवक्ता के रूप में आरजेडी का चेहरा रहे तिवारी ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी के भीतर ‘मान-सम्मान’ की कमी को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिकायत करने के बावजूद प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक किसी ने उनकी समस्याओं का संज्ञान नहीं लिया।

‘पार्टी को दीमक की तरह खोखला कर रहे हैं कुछ लोग’

बताते चले कि, मृत्युंजय तिवारी ने अपने इस्तीफे के दौरान पार्टी के भीतर की गहरी आंतरिक कलह को सार्वजनिक कर दिया। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरजेडी को कुछ लोग ‘दीमक’ की तरह अंदर ही अंदर खोखला कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं, लेकिन अब पार्टी में सम्मान से समझौता करके बने रहना उनके लिए संभव नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंपते हुए कहा कि आत्म-सम्मान खोकर राजनीति करना उनके लिए संभव नहीं है।

तेजस्वी यादव की चुप्पी पर सवाल

मृत्युंजय तिवारी ने अपने दर्द का इजहार करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी उपेक्षा को लेकर कई बार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से शिकायत की थी, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जो पार्टी को बर्बाद करने पर तुले हैं, तो फिर उनके जैसे निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए वहां स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस समय पार्टी बुरे दौर से गुजर रही थी, तब उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया था, लेकिन आज उन्हें अपमानित किया जा रहा है।

RJD के लिए एक बड़ा राजनीतिक नुकसान

बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले मृत्युंजय तिवारी आरजेडी में ब्राह्मण समुदाय का एक बड़ा चेहरा थे। आरजेडी के जातीय समीकरणों के बीच उनका इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तिवारी जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता का पार्टी छोड़ना आरजेडी की छवि और संगठन की एकजुटता पर सीधा असर डालेगा। उनके इस कदम के बाद अब बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं, साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अन्य नाराज नेता भी अब बगावत का बिगुल फूंकेंगे।