Lalu Yadav Rohini Acharya Poster: राजद कार्यालय के बाहर पोस्टर से मचा बवाल! रोहिणी आचार्या का ‘गद्दार’ वाला वार, किसके लिए है संदेश?

राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इसमें रोहिणी आचार्या को लालू यादव की विरासत का वाहक बताते हुए “गद्दारों पर भारी” होने की बात कही गई है। सिंगापुर से शुरू हुई चर्चा अब पार्टी के भीतर के सियासी संकेतों और आगामी राजनीतिक भविष्य की ओर इशारा कर रही है।

Lalu Yadav Rohini Acharya Poster

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 1, 2026

Lalu Yadav Rohini Acharya Poster: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राजनीति में इन दिनों सिंगापुर से आई एक तस्वीर और पटना स्थित प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने नई हलचल पैदा कर दी है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा अपनी बेटी रोहिणी आचार्या के साथ सिंगापुर में जन्मदिन मनाने की तस्वीरों के बीच, पटना में रातों-रात लगे पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पोस्टर केवल एक भावनात्मक संदेश नहीं, बल्कि राजद की आंतरिक राजनीति में किसी बड़े बदलाव या संकेत की आहट के रूप में देखा जा रहा है।

पोस्टर के शब्दों से गरमाई बिहार की सियासत

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, पोस्टर में लालू प्रसाद यादव और रोहिणी आचार्या की स्केच वाली तस्वीर के साथ लिखा है- “न हौसला टूटा है, न हिम्मत हारी है। मैं लड़ना जानती हूं, अकेले गद्दारों पर भारी हूं। मैं लालू जी की बेटी हूं, मेरा लहू बिहारी और रग-रग में खुद्दारी है।” इस संदेश में इस्तेमाल किए गए “गद्दार” शब्द ने सबसे ज्यादा राजनीतिक खलबली मचा दी है। हालांकि, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने पोस्टर लगाने वालों के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्टी के भीतर के उन लोगों पर एक सीधा निशाना है, जिन्हें रोहिणी ‘गद्दार’ मानती हैं।

रोहिणी आचार्या की बढ़ती सक्रियता

किडनी डोनेट करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं रोहिणी आचार्या अब केवल एक बेटी नहीं, बल्कि राजद की एक प्रमुख राजनीतिक आवाज बन चुकी हैं। सारण लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद उनका कद पार्टी के भीतर लगातार बढ़ा है। अतीत में भी रोहिणी ने सोशल मीडिया के जरिए तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाकर पार्टी में हलचल मचाई थी। तब इस प्रकरण के कारण उन्हें 10 सर्कुलर रोड का आवास भी छोड़ना पड़ा था। ऐसे में “अकेले गद्दारों पर भारी हूं” का संदेश उनके आक्रामक राजनीतिक तेवरों को एक बार फिर स्पष्ट कर रहा है।

लालू की राजनीतिक विरासत

इस पोस्टर में रोहिणी आचार्या को सीधे लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत का उत्तराधिकारी या रक्षक के रूप में पेश करने की कोशिश की गई है। “मैं लालू जी की बेटी हूं” वाली पंक्ति पार्टी के कोर वोटरों को भावुक करने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। लालू यादव की लोकप्रियता राजद की सबसे बड़ी पूंजी है, और उस पूंजी को रोहिणी के माध्यम से पुनर्जीवित करना पार्टी के भीतर के विरोधियों के लिए एक बड़ा संकेत हो सकता है। क्या यह तेजस्वी यादव के नेतृत्व के साथ समन्वय है या अपनी अलग जगह बनाने की कवायद, यह भविष्य की राजनीति तय करेगी।

सवालों के घेरे में राजद

वहीं, राजद कार्यालय के बाहर लगे इस पोस्टर ने फिलहाल बिहार की राजनीति में सस्पेंस बढ़ा दिया है। यह पोस्टर किसके इशारे पर लगा और इसके पीछे कौन सी रणनीति है, इसका जवाब न तो पार्टी नेतृत्व दे रहा है और न ही पोस्टर लगाने वाले सामने आए हैं। यह स्पष्ट है कि रोहिणी आचार्या की सिंगापुर वाली तस्वीरों से शुरू हुई चर्चा अब बिहार की सत्ता और पार्टी की संगठनात्मक संरचना में नए सियासी बदलावों की ओर इशारा कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्टी के भीतर इस पोस्टर का क्या असर होता है।