नक्सलवाद से वापसी: 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा छोड़ने का लिया निर्णय

सुकमा  नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए दरभा एवं केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे 29 नक्सलियों ने एसपी किरण चव्हाण, एएसपी रोहित शाह और सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के समक्ष आत्मसमर्पण किया। गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा कैंप की स्थापना के बाद नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। लगातार बढ़ी सुरक्षा मौजूदगी, विकास कार्यों में तेजी और शासन की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से दरभा और केरलापाल

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Published On :

जनवरी 14, 2026

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सुकमा
 नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए दरभा एवं केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे 29 नक्सलियों ने एसपी किरण चव्हाण, एएसपी रोहित शाह और सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा कैंप की स्थापना के बाद नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। लगातार बढ़ी सुरक्षा मौजूदगी, विकास कार्यों में तेजी और शासन की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से दरभा और केरलापाल एरिया कमेटी के अंतर्गत सक्रिय थे और विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नक्सलियों को हिंसा छोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान कर रही है। एएसपी रोहित शाह ने बताया कि क्षेत्र में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ-साथ संवाद और विश्वास निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है।सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि गोगुंडा में कैंप की स्थापना से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे आम नागरिकों में विश्वास बढ़ा है और नक्सलियों का प्रभाव कमजोर पड़ा है।

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