Republic Day 2026: यूपी की झांकी ने मोहा मन, कालिंजर किले और एकमुखी लिंग ने खींचा ध्यान

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की गहरी आध्यात्मिकता और अद्वितीय वास्तुकला को दर्शाते हुए एकमुखी लिंग का भव्य चित्रण देखा गया।

Republic Day 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 26, 2026

Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में इस बार उत्तर प्रदेश की झांकी ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के अद्भुत संगम को दर्शाती यह झांकी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई। जैसे ही झांकी आगे बढ़ी, दर्शक तालियों की गूंज के साथ अपने स्थानों से खड़े होकर इसकी भव्यता का स्वागत करते नजर आए।

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‘बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता’ थीम ने मोहा मन

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यूपी की झांकी ने मोहा मन

उत्तर प्रदेश की झांकी की थीम ‘बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता’ रखी गई थी। इस थीम के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र की प्राचीन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। झांकी ने यह दर्शाया कि किस तरह यह क्षेत्र अपनी जड़ों से जुड़ा रहते हुए आधुनिक विकास की राह पर अग्रसर है।

एकमुखी लिंग और आध्यात्मिक विरासत का भव्य चित्रण

झांकी के अग्रभाग में कालिंजर की प्रसिद्ध एकमुखी शिवलिंग का भव्य और कलात्मक चित्रण किया गया था। यह प्रतीक बुंदेलखंड की गहरी आध्यात्मिक चेतना और अद्वितीय स्थापत्य कला को दर्शाता है। यह दृश्य दर्शकों के लिए न केवल श्रद्धा का केंद्र बना, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को भी रेखांकित करता नजर आया।

शिल्प, हाट और ODOP की झलक

झांकी के मध्य भाग में बुंदेलखंड की जीवंत शिल्प परंपराओं को प्रस्तुत किया गया। मिट्टी के बर्तन, मनका शिल्प और पारंपरिक ग्रामीण हाट का दृश्य लोगों को आकर्षित करता रहा। ये सभी कलाएं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के अंतर्गत आती हैं, जो क्षेत्र की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय कारीगरों की पहचान का प्रतीक हैं।

कालिंजर किले और नीलकंठ महादेव मंदिर का सजीव चित्र

झांकी का मुख्य आकर्षण कालिंजर किले का भव्य और सजीव चित्रण रहा। नक्काशीदार पत्थर के स्तंभ, ऐतिहासिक द्वार और किले की वास्तुकला ने दर्शकों को अतीत की गौरवशाली यात्रा पर ले जाने का अनुभव कराया। झांकी के पीछे की ओर नीलकंठ महादेव मंदिर का पूजनीय दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने बुंदेलखंड की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को और मजबूती दी।

बुंदेली लोक नृत्य और सांस्कृतिक रंग

झांकी में शामिल बुंदेली लोक नर्तकों ने रंग-बिरंगे परिधानों में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर झांकी को जीवंत बना दिया। उनकी लय, ऊर्जा और भाव-भंगिमाओं ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक आत्मा को सजीव कर दिया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

आधुनिक उत्तर प्रदेश की प्रगति का संदेश

झांकी के अंतिम हिस्से में आधुनिक उत्तर प्रदेश की तस्वीर सामने आई। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और आधुनिक विनिर्माण के दृश्य यह संदेश देते नजर आए कि उत्तर प्रदेश परंपरा और प्रगति दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।

विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश की झांकी ने गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचते हुए यह दर्शाया कि कैसे प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। यह झांकी ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी।

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