Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत ने अपनी सैन्य शक्ति और तकनीकी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय सेना, वायुसेना और रक्षा अनुसंधान संगठनों की ओर से अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य प्रणालियों की झलक दिखाई गई, जिसने पूरी दुनिया को नए भारत की ताकत का संदेश दिया।
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‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित रही मुख्य परेड

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई। परेड में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय संस्थानों की झांकियां निकलीं, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को दर्शा रही थीं। कर्तव्य पथ पर देश की सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं का संगम देखने को मिला।
आसमान में दिखी वायुसेना की ताकत
परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों ने फ्लाईपास्ट किया। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने आसमान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रतीक चिन्ह लेकर उड़ान भरी, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया। लड़ाकू विमानों की गर्जना ने भारत की वायु शक्ति का स्पष्ट संदेश दिया।
कर्तव्य पथ पर घातक हथियारों का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस परेड में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, काउंटर ड्रोन गन और अन्य आधुनिक हथियारों को प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शन भारत की आक्रामक और रक्षात्मक दोनों क्षमताओं को दर्शाता है। परेड में दिखाई गई सैन्य झलकियों को पड़ोसी देशों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
HMRV और विशेष बलों की झलक
भारतीय सेना ने हाई मोबिलिटी टोही वाहन (HMRV) का प्रदर्शन किया, जो भारत का पहला स्वदेशी बख्तरबंद लाइट स्पेशलिस्ट वाहन है। यह उन्नत रडार, ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम से लैस है। इसके साथ ही विशेष बलों की टुकड़ी ने अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल, रंधवज टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और लाइट स्ट्राइक व्हीकल्स के साथ अपनी क्षमता का परिचय दिया।
टैंक, मिसाइल और आधुनिक युद्ध प्रणालियां
परेड में टी-90 भीष्म टैंक, अर्जुन एमके-1 मुख्य युद्धक टैंक और नाग मिसाइल सिस्टम (MK-2) को भी प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम और आकाश वेपन सिस्टम ने भारत की जमीनी युद्ध क्षमता को उजागर किया।
हाइपरसोनिक मिसाइल LR-ASHM बनी आकर्षण का केंद्र
गणतंत्र दिवस परेड में डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही हाइपरसोनिक मिसाइल LR-ASHM का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा। यह मिसाइल 1500 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य को भेदने में सक्षम है और इसकी गति 10 मैक तक जा सकती है। इस उपलब्धि के साथ भारत हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है।
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