चुनाव जीतने के लिए RSS का सहारा? संघ नेता के दावे से गरमाई राजनीति

कोच्चि संघ के एक जाने-माने नेता आर.वी. बाबू ने शनिवार को दावा किया कि यूडीएफ के चेयरमैन और कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने 2001 और 2006 में राज्य विधानसभा चुनाव जीतने के लिए RSS नेताओं से मिलकर उनका समर्थन मांगा था। कांग्रेस नेता ने इस आरोप से इनकार किया है। सतीशन ने कहा कि उन्होंने कभी भी आरएसएस या भाजपा के वोट नहीं मांगे और दावा किया कि बाबू, जो परवूर विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं (जहां से यूडीएफ नेता चुनाव लड़ रहे हैं), कांग्रेस विरोधी हैं क्योंकि पार्टी ने उनके खिलाफ कुछ टिप्पणियां की थीं। आरएसएस समर्थक संगठन 'हिंदू

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 28, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

कोच्चि
संघ के एक जाने-माने नेता आर.वी. बाबू ने शनिवार को दावा किया कि यूडीएफ के चेयरमैन और कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने 2001 और 2006 में राज्य विधानसभा चुनाव जीतने के लिए RSS नेताओं से मिलकर उनका समर्थन मांगा था। कांग्रेस नेता ने इस आरोप से इनकार किया है। सतीशन ने कहा कि उन्होंने कभी भी आरएसएस या भाजपा के वोट नहीं मांगे और दावा किया कि बाबू, जो परवूर विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं (जहां से यूडीएफ नेता चुनाव लड़ रहे हैं), कांग्रेस विरोधी हैं क्योंकि पार्टी ने उनके खिलाफ कुछ टिप्पणियां की थीं।

आरएसएस समर्थक संगठन 'हिंदू ऐक्य वेदी' के प्रदेश अध्यक्ष बाबू ने एक टीवी चैनल को बताया कि विपक्ष के नेता ने पहले इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने 2006 में आरएसएस के किसी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, लेकिन अब उन्होंने मान लिया है कि वे वहां गए थे। बाबू ने कहा, "तो, झूठ कौन बोल रहा है? इसी तरह, भविष्य में उन्हें यह भी मानना ​​पड़ेगा कि 2001 और 2006 में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए उन्होंने आरएसएस की मदद मांगी थी।"

उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस के बारे में कांग्रेस ने अब जो रुख अपनाया है, वह 2001 और 2006 में वैसा नहीं था। बाबू ने दावा किया कि 1996 में सतीशन सीपीआई के पी. राजू से बुरी तरह हार गए थे, और उसके बाद जीतने के लिए उन्होंने आरएसएस की मदद मांगी थी। बाबू ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि सतीशन हार जाएं। संघ परिवार के नेता ने आगे कहा कि वह यूडीएफ और एलडीएफ दोनों को एक ही सिक्के के दो पहलू मानते हैं।

इस मामले पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सतीशन ने कहा कि यह बात कि बाबू चाहते हैं कि वह हार जाएं, यह दिखाती है कि भाजपा या आरएसएस के साथ कोई समझौता नहीं है। उन्होंने आरएसएस नेता के उन आरोपों को साफ तौर पर खारिज कर दिया कि उन्होंने 2001 और 2006 के चुनावों में जीतने के लिए इस दक्षिणपंथी संगठन का समर्थन मांगा था। सतीशन ने आरएसएस और सीपीआईएम के बीच सांठगांठ होने के अपने पहले के दावों को भी दोहराया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), जिसने सीपीआई(एम) को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है, धर्मनिरपेक्ष है।

Leave a Comment

2