पटना कोचिंग विवाद में खान सर को राहत, वकील ने रखी सफाई

पटना पटना के जिला अदालत से जमानत मिलने के बाद खान सर के वकील मुरारी तिवारी ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस पूरे मामले में झूठा फंसाया गया है और उनका घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था. उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद खान सर को राहत दी है. मुरारी तिवारी के मुताबिक, घटना के दौरान खान सर के कोचिंग संस्थान पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वहां तैनात सुरक्षा गार्डों ने हवा में फायरिंग की थी. इस

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Published On :

जुलाई 14, 2026

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पटना
पटना के जिला अदालत से जमानत मिलने के बाद खान सर के वकील मुरारी तिवारी ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस पूरे मामले में झूठा फंसाया गया है और उनका घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था. उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद खान सर को राहत दी है.

मुरारी तिवारी के मुताबिक, घटना के दौरान खान सर के कोचिंग संस्थान पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वहां तैनात सुरक्षा गार्डों ने हवा में फायरिंग की थी. इस दौरान कोचिंग संस्थान में मौजूद एक गार्ड के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें उसे कई गंभीर चोटें आईं.

खान सर का नाम मामले में जोड़ दिया गया
उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद सबसे पहले खान सर के एक कर्मचारी ने रोशन नाम के व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. उसी मामले में रोशन को जेल भी जाना पड़ा था. वकील का आरोप है कि बाद में खान सर का नाम भी इस मामले में जोड़ दिया गया, जबकि उनकी कोई भूमिका नहीं थी.

खान सर के आपराधिक रिकॉर्ड पर उठे सवालों का जवाब देते हुए मुरारी तिवारी ने कहा कि उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं है. उन्होंने बताया कि एक पुराने मामले में पहले से ही उन्हें जमानत मिल चुकी है और वह मामला भी किसी ऐसे अपराध से जुड़ा नहीं था, जिससे समाज पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ा हो.

वकील ने यह भी कहा कि एक अन्य एफआईआर का जिक्र किया गया, लेकिन खान सर को उसके बारे में कोई जानकारी तक नहीं थी. उनका दावा है कि वह मामला पुलिस ने अपने स्तर पर दर्ज किया था और उसमें भी खान सर की कोई भूमिका नहीं थी. फिलहाल, मामले की सुनवाई जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में चलेगी.

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