Reform UK Visa Ban: ब्रिटेन की राजनीति में ‘रिफॉर्म यूके’ पार्टी ने एक ऐसी इमिग्रेशन नीति का प्रस्ताव रखा है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। पार्टी के फायरब्रांड नेता नाइजल फराज ने आगामी चुनावों के लिए अपने कड़े इरादे साफ कर दिए हैं। फराज का कहना है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो ब्रिटेन की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा और अवैध प्रवासन (Illegal Migration) पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उनका मुख्य एजेंडा उन प्रवासियों को तुरंत वापस भेजना है जो बिना वैध दस्तावेजों के ब्रिटेन में प्रवेश कर चुके हैं। इस घोषणा को ब्रिटिश मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
यूके डिपोर्टेशन कमांड का गठन: अमेरिका की ‘आइस’ एजेंसी की तर्ज पर होगी कार्रवाई
पार्टी ने अवैध प्रवासियों से निपटने के लिए एक समर्पित संस्था बनाने का खाका तैयार किया है। अमेरिका की ‘इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट’ (ICE) की तर्ज पर ब्रिटेन में ‘यूके डिपोर्टेशन कमांड’ (UK Deportation Command) नामक एक नई एजेंसी गठित करने का प्रस्ताव है। इस एजेंसी का एकमात्र कार्य देश भर में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की पहचान करना, उन्हें हिरासत में लेना और उन्हें उनके मूल देश वापस भेजना होगा। पार्टी का लक्ष्य प्रति वर्ष लगभग 2.88 लाख अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का है, जो ब्रिटेन के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा निष्कासन अभियान हो सकता है।
पाकिस्तान और अन्य पांच देशों पर प्रतिबंध: अवैध प्रवासन रोकने के लिए सख्त कदम
रिफॉर्म यूके के प्रस्ताव में सबसे विवादित हिस्सा पाकिस्तान समेत छह देशों के नागरिकों पर संभावित वीजा प्रतिबंध है। पार्टी ने पाकिस्तान, सोमालिया, इरीट्रिया, अफगानिस्तान, सीरिया और सूडान को उन देशों की सूची में रखा है जहाँ से सबसे अधिक अवैध प्रवासी ब्रिटेन पहुँचते हैं। नाइजल फराज का मानना है कि इन देशों के वीजा पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध लगाने से ब्रिटेन की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी और सीमाओं पर पड़ने वाला दबाव काफी कम हो जाएगा। इस कदम का उद्देश्य ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले प्रवासियों की संख्या को कड़ाई से नियंत्रित करना है।
भारी भरकम बजट और डिपोर्टेशन की रणनीति: पांच विशेष विमानों की योजना
इस विशाल योजना को धरातल पर उतारने के लिए पार्टी ने सालाना दो अरब पाउंड (लगभग ₹21,000 करोड़) का बजट आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है। रिफॉर्म यूके का कहना है कि प्रवासियों के आवास और सामाजिक कल्याण पर खर्च होने वाले धन में कटौती करके इस बजट की भरपाई की जाएगी। प्रवासियों को डिपोर्ट किए जाने तक विशेष ‘मॉड्यूलर घरों’ में रखा जाएगा। योजना के तहत, हर दिन पांच विशेष विमानों का संचालन किया जाएगा जो डिपोर्ट किए गए प्रवासियों को सीधे उनके देशों तक छोड़कर आएंगे।
मानवाधिकार कानूनों को चुनौती: ईसीएचआर से बाहर निकलने का साहसी प्रस्ताव
कानूनी बाधाओं को दूर करने के लिए रिफॉर्म यूके ने ‘यूरोपियन कन्वेंशन ऑन ह्यूमन राइट्स’ (ECHR) से ब्रिटेन को बाहर निकालने का क्रांतिकारी विचार पेश किया है। पार्टी का तर्क है कि वर्तमान मानवाधिकार कानून अक्सर अपराधियों और अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट होने से बचा लेते हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है। इसके स्थान पर वे ‘इलीगल माइग्रेशन मास डिपोर्टेशन एक्ट’ नाम से एक नया कानून लाने की योजना बना रहे हैं, जिससे सरकार को बिना किसी लंबी कानूनी लड़ाई के प्रवासियों को निकालने की शक्तियाँ प्राप्त होंगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: लेबर पार्टी ने बताया विभाजनकारी नीति
हालांकि ब्रिटेन में अगले आम चुनाव 2029 में होने प्रस्तावित हैं, लेकिन इस योजना ने अभी से राजनीतिक ध्रुवीकरण शुरू कर दिया है। लेबर पार्टी ने इस प्रस्ताव की तीखी निंदा करते हुए इसे समाज को बांटने वाला और एकता विरोधी बताया है। वहीं, रिफॉर्म यूके के प्रवक्ता जिया यूसुफ ने इस योजना का बचाव करते हुए इसे ‘ऑपरेशन रिस्टोरिंग जस्टिस’ का एक अनिवार्य हिस्सा करार दिया है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, ब्रिटेन की आव्रजन नीति पर यह बहस और भी तेज होने की उम्मीद है।









