Ranveer Singh Controversy: बेंगलुरु स्थित कर्नाटक हाई कोर्ट ने 24 फरवरी, 2026 को निर्देश दिया कि राज्य सरकार रणवीर सिंह के खिलाफ ‘कंटारा: चैप्टर 1’ में भगवान के चित्रण से जुड़े विवादित कथित बयानों पर दर्ज FIR के संबंध में कोई जबरदस्ती कार्रवाई न करे। यह सुरक्षा उस शर्त पर दी गई है कि एक्टर जांच में सहयोग करेंगे। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच, जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता में, रणवीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई की जिसमें उन्होंने हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR रद्द करने की मांग की थी।
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विवाद की पृष्ठभूमि
आपको बता दें कि, यह विवाद 28 नवंबर, 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह के दौरान शुरू हुआ। रणवीर सिंह पर आरोप था कि उन्होंने फिल्म ‘कंटारा: चैप्टर 1’ के पवित्र दैव सीक्वेंस का अनुचित चित्रण किया और देवता चामुंडी की नकल कर विवादित टिप्पणी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर ने पूजनीय चामुंडी देवता के हाव-भाव की नकल करते हुए उन्हें “महिला भूत” या “शैतान” कहा। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक भावना का अपमान मानकर शिकायत दर्ज की। बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल ने निजी तौर पर FIR दर्ज करवाई, जिसके तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 302 के तहत कार्रवाई की गई।
रणवीर का पक्ष
रणवीर सिंह की ओर से सीनियर वकील सज्जन पूवैया ने कोर्ट को बताया कि एक्टर ने अपने कथित बयान के लिए खेद व्यक्त किया था और उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। पूवैया ने यह भी कहा कि रणवीर का इवेंट में एक्ट ‘कंटारा’ के अभिनेता ऋषभ शेट्टी की परफॉर्मेंस की तारीफ के रूप में था और यह ट्रिब्यूट था।
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कोर्ट की टिप्पणियाँ
हालांकि कोर्ट ने सार्वजनिक हस्तियों की जिम्मेदारी पर कड़ी टिप्पणियाँ की। बेंच ने कहा कि रणवीर को संदर्भ के बारे में जानकारी होनी चाहिए थी और किसी को असंवेदनशीलता से पेश नहीं आना चाहिए। जस्टिस नागप्रसन्ना ने कहा,”आप रणवीर सिंह या कोई भी हो सकते हैं। लेकिन इतनी बेपरवाही से पेश नहीं आना चाहिए। सुपरस्टार होने के नाते उनकी बातें लोगों पर प्रभाव डालती हैं। कलाकारों को बोलने से पहले शब्दों का मतलब समझना चाहिए।”
अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने राज्य और अन्य उत्तरदाताओं को अपनी आपत्तियों को रिकॉर्ड करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च, 2026 को निर्धारित की गई है। इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि रणवीर सिंह फिलहाल FIR के तहत किसी जबरदस्ती कार्रवाई से सुरक्षित हैं, बशर्ते वे जांच में सहयोग करें।









