Ranchi Students Protest: झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब अपने 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है। राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध लगातार बना हुआ है। हालांकि, शुक्रवार को सरकार के प्रतिनिधियों और छात्रों के एक गुट के बीच पहली दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन और सत्याग्रह जारी रहेगा।
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देवेंद्र नाथ महतो का गुट आज करेगा सरकार से वार्ता
आंदोलन के क्रम में आज (शनिवार, 8 अगस्त) सुबह साढ़े दस बजे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अगुवाई में दूसरा प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ बैठक करेगा। स्टेट गेस्ट हाउस या सर्किट हाउस में होने वाली इस उच्च स्तरीय वार्ता में ‘JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच’ के 8 सदस्य शामिल होंगे, जो सरकार द्वारा गठित मंत्रियों की समिति के सामने अपनी बात रखेंगे।
सरकार से वार्ता के लिए जाने वाले 8 छात्र प्रतिनिधि
रामा अवतार महतो
चंदन कुमार
दिनबंधु मंडल
बिमल कुमार
पूजा कुमारी
प्रेम कुमार
रवि शंकर
अमित कुमार शर्मा
गौरतलब है कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से आमरण अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि सरकार पहले ही छात्रों की बात मान लेती, तो प्रतिनिधिमंडल को मिलने जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र अलग-अलग गुटों में नहीं बंटे हैं, क्योंकि सभी की मूल मांगें एक ही हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कड़ा रुख
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता प्रेम ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि डॉक्टर उन्हें स्वास्थ्य कारणों से पानी पीने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन छात्रों का संकल्प राज्य और देशहित में अडिग है। उन्होंने कहा कि छात्र मुख्यमंत्री के साथ बंद कमरे की बजाय खुले मैदान में सीधी और पारदर्शी बातचीत चाहते हैं, जिसकी वीडियोग्राफी हो और मीडिया के प्रतिनिधि भी वहां मौजूद रहें। छात्रों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर इस आंदोलन को लंबा खींचना चाहती है।
शुक्रवार की बैठक और सरकार का रुख
इससे पहले शुक्रवार को हुए बैठक के बाद छात्र नेताओं ने प्रेस से साझा जानकारी देते हुए बताया कि डेलीगेशन ने अपनी सभी प्रमुख मांगों को विस्तार से मंत्रियों के सामने रखा।
सकारात्मक आश्वासन: छात्र नेताओं के अनुसार, सरकार के मंत्रियों ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
तैयारी से पहुंचे छात्र: छात्र नेता नीतू कुजुर ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों ने उम्मीद नहीं की थी कि छात्र इतनी तैयारी के साथ आएंगे, लेकिन छात्रों के तर्कों से वे काफी प्रभावित हुए और सुधार के लिए अपनी तत्परता दिखाई।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
भले ही सरकार के साथ बातचीत का दौर चल रहा हो, लेकिन छात्र किसी भी प्रकार के ढिलाई के मूड में नहीं हैं। छात्र नेता पीयूष कुमार ने ऐलान किया है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। छात्रों ने साफ कर दिया है कि चरणबद्ध तरीके से सरकार के साथ बातचीत तो जारी रहेगी, लेकिन जब तक 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने सहित उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका ऐतिहासिक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।
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