Ranchi JSCA Stadium Stampede: झारखंड की राजधानी रांची स्थित JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में मंगलवार (23 जून) की रात एक भयावह हादसा हुआ। झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) के टी20 फाइनल मुकाबले के दौरान स्टेडियम के बाहर दर्शकों की अनियंत्रित भीड़ के कारण मची भगदड़ में 35 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर बड़े खेल आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Delhi Sena Bhawan fire: दिल्ली में सेना भवन के पास बड़ा हादसा, कैंप में लगी भीषण आग
कैसे बिगड़े हालात?
मैच को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह था और दोपहर से ही हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम के बाहर जुटने लगे थे। बताया जा रहा है कि लगभग 30 हजार से अधिक दर्शक फाइनल मैच देखने पहुंचे थे, लेकिन प्रवेश की गति बेहद धीमी थी। गेटों पर सुरक्षा जांच और प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण बाहर लंबी कतारें लग गईं।
भीड़ का दबाव जैसे-जैसे बढ़ता गया, लोगों में धैर्य खोने लगा। स्थिति उस समय नियंत्रण से बाहर हो गई जब वेस्ट गेट पर लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एक साथ स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश करने लगे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। नॉर्थ गेट और एम.एस. धोनी पवेलियन के पास भी भारी भीड़ के कारण अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। इस धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी में कई दर्शक संतुलन खोकर गिर पड़े और कुचले गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। घायलों को तुरंत पास के राज अस्पताल, पारस अस्पताल और सदर अस्पताल समेत विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया। हालांकि ज्यादातर घायलों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन कुछ लोगों की स्थिति को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्टेडियम प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब-तलब किया जा रहा है।
बेंगलुरु हादसे की यादें ताजा
यह घटना पिछले साल 4 जून 2025 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए दर्दनाक हादसे की याद दिलाती है। उस समय आरसीबी (RCB) की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी। बेंगलुरु हादसे के बाद देशभर में बड़े आयोजनों में सुरक्षा को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए गए थे, लेकिन रांची की यह घटना दर्शाती है कि भीड़ प्रबंधन के मामले में अभी भी जमीनी स्तर पर बड़ी खामियां मौजूद हैं।
Weather Update: दिल्ली-NCR में मौसम का बदलेगा मिजाज, मानसून की एंट्री जल्द










