Ranchi Assembly Gherao: 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR, 100 नामजद; पुलिस ने शुरू की बड़ी कार्रवाई

रांची विधानसभा घेराव के बाद पुलिस ने 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है। इनमें 100 लोग नामजद बताए जा रहे हैं। आखिर प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ, पुलिस ने किन आरोपों में केस दर्ज किया और CCTV से किन चेहरों की पहचान होगी? पूरी कहानी जानिए।

Ranchi Assembly Gherao

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 13, 2026

Ranchi Assembly Gherao: झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विधानसभा थाना में 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, इनमें 100 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि करीब 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

विधानसभा थाना में दर्ज प्राथमिकी में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच करने के साथ-साथ उन अज्ञात लोगों की पहचान भी कर रही है, जो कथित तौर पर प्रदर्शन के दौरान उपद्रव में शामिल थे। इसके लिए पुलिस प्रदर्शन के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद ले सकती है।

10 अगस्त को छात्रों ने किया था विधानसभा का घेराव

रांची में पिछले कई दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया था। प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तनाव और बढ़ गया।

पुलिस कार्रवाई के विरोध में बीजेपी ने बुलाया झारखंड बंद

छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया था। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि रांची में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। बीजेपी ने इसी कार्रवाई के विरोध में बंद का आह्वान किया और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

बीजेपी ने सरकार पर लगाया छात्रों पर अत्याचार का आरोप

बीजेपी ने पुलिस की कार्रवाई को छात्रों के खिलाफ अत्याचार करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। बीजेपी नेताओं ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच कराने की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस ने बताई अलग-अलग तस्वीर

विधानसभा घेराव के दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई में उन्हें चोटें आईं। वहीं रांची पुलिस की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी जब विधानसभा की तरफ आगे बढ़ने लगे तो उन्हें रोकने के लिए जगन्नाथपुर मंदिर के पास पानी की बौछार की गई। इसके बाद स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं छात्र

झारखंड में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी 25 जुलाई से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा वे झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग भी उठा रहे हैं।

कई परीक्षाएं रद्द करने की मांग

आंदोलन कर रहे छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में कुछ परीक्षाओं को रद्द करना भी शामिल है। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आई हैं। छात्र चाहते हैं कि विवादित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।

स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच की भी मांग की है। उनकी मांग है कि जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI या झारखंड से बाहर के किसी हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए। छात्रों का कहना है कि स्वतंत्र जांच से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्षता से पड़ताल हो सकेगी।

FIR के बाद आंदोलन पर टिकी नजरें

600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन का मुद्दा और गरम हो गया है। पुलिस अब नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है, जबकि छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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