रमन अरोड़ा को मिली फिर से सुरक्षा, जालंधर में चल रही हैं कई तरह की अटकलें

जालंधर सत्ता की बाजी में दोस्त और दुश्मन कब बदल जाएं, कोई नहीं जानता। बस वक्त और फायदा तय करता है कि कौन किसके साथ है। यह खेल ही ऐसा है, जहां चाल बदलते देर नहीं लगती। जालंधर सेंट्रल हलके की राजनीति में भी यही चल रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई राजनीतिक उठापठक के बाद सेंट्रल हलके की राजनीति गर्म हो गई है। भ्रष्टाचार के आरोपों में पिछले एक साल से विजिलेंस की कार्रवाई का सामना कर रहे विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा सरकार ने शुक्रवार को वापस कर दी। 354 दिन के बाद विधायक को सुरक्षाकर्मी वापस

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Published On :

मई 2, 2026

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जालंधर
सत्ता की बाजी में दोस्त और दुश्मन कब बदल जाएं, कोई नहीं जानता। बस वक्त और फायदा तय करता है कि कौन किसके साथ है। यह खेल ही ऐसा है, जहां चाल बदलते देर नहीं लगती। जालंधर सेंट्रल हलके की राजनीति में भी यही चल रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई राजनीतिक उठापठक के बाद सेंट्रल हलके की राजनीति गर्म हो गई है।

भ्रष्टाचार के आरोपों में पिछले एक साल से विजिलेंस की कार्रवाई का सामना कर रहे विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा सरकार ने शुक्रवार को वापस कर दी। 354 दिन के बाद विधायक को सुरक्षाकर्मी वापस मिले हैं। राजनीति के हाशिए पर चल रहे विधायक को सुरक्षा वापस मिलने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

सबके मन में बड़ा सवाल यही है कि क्या ये विधायक की सेंट्रल हलके की राजनीति में वापसी का संकेत है? अगर ऐसा है तो फिर रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद राजनीति के मैदान में सीधे तौर पर उतरे नितिन कोहली का क्या?

जालंधर नगर निगम चुनाव के दौरान मित्तल की भूमिका अहम 
वैसे भी राजनीति की बिसात पर मोहरों के रंग भी बदल जाते हैं। पिछले दिनों आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल ने राघव चड्ढा के साथ मिलकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। अशोक मित्तल की जालंधर में आप की राजनीति में अहम भूमिका रही है। नितिन कोहली के राजनीतिक गुरु अशोक मित्तल को ही माना जाता है।

नितिन कोहली को आप में शामिल करवाने और उन्हें सेंट्रल हलके की कमान सौंपने के पीछे बड़ी भूमिका अशोक मित्तल की रही थी। यही नहीं जालंधर नगर निगम चुनाव के दौरान मित्तल की भूमिका अहम रही थी।

मेयर के नाम के लिए अशोक मित्तल, वनीत धीर के साथ थे और बाद में धीर को ही मेयर बनाया गया था। अब अशोक मित्तल के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने से जालंधर में कई राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं।

हालांकि एक दिन पहले ही नितिन कोहली व मेयर वनीत धीर दिल्ली में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से मिले थे लेकिन एक दिन बाद ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे सेंट्रल हलके के विधायक की सुरक्षा वापस होने से राजनीति जरूर गर्म हो गई।

23 मई को विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने किया था गिरफ्तार
सुरक्षा वापस मिलने के बाद विधायक अरोड़ा के समर्थकों ने लड्डू बांटे। वहीं, विधायक ने भी पहली बार विधानसभा सत्र के दौरान की अपनी तस्वीर फेसबुक पर शेयर कर इस मामले को और हवा दी। गौरतलब है कि 12 मई, 2025 को विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा सरकार ने वापस ले ली थी।

उनके पास नियमों से अधिक 14 सुरक्षाकर्मी होते थे। 23 मई, 2025 को विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया था। सितंबर, 2025 को उन्हें जमानत मिली थी। जेल से बाहर आने के बाद से अरोड़ा राजनीति में सक्रीय नहीं थे। हालांकि अब उन्हें एक गाड़ी और चार पुलिसकर्मी वापस मिले हैं।

उधर सुरक्षा वापस मिली, शहर में उतार दिए होर्डिंग
एक तरफ सरकार की ओर से विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा वापस करने की खबर चल रही थी वहीं, शहर में एक धार्मिक आयोजन को लेकर लगाए गए होर्डिंग जिनमें अरोड़ा की तस्वीर थी उन्हें उतरवा दिया गया।

विधायक अरोड़ा श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर बाजार शेखां के तत्वावधान में साई दास स्कूल पटेल चौक की ग्राउंड में बालाजी का भव्य संकीर्तन 14 मई को करवाने वाले हैं। इसको लेकर शहर भर में होर्डिंग लगाए गए थे। शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने कई जगह से होर्डिंग उतार दिए।

इसके बाद शहर में चर्चा और तेज हो गई कि एक तरफ सरकार सुरक्षा वापस कर रही है, वहीं शहर में उनके होर्डिंग उतारे जा रहे हैं। सेंट्रल हलके की राजनीति में खूब घमासान चल रहा है।

    अभी में चंडीगढ़ में हूं। विधानसभा सत्र के लिए आया था। सूचना मिली है कि सरकार ने सुरक्षा वापस कर दी है। जालंधर लौटकर ही इस मुद्दे पर और अधिक बात कर पाऊंगा।

    – रमन अरोड़ा, विधायक हलका सेंट्रल

    विधायक रमन अरोड़ा को नियमों के तहत सुरक्षा दी गई है। एक गाड़ी और चार सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं।

    – धनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर जालंधर

 

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