UP News: राम वन गमन पथ में दरार, योगी सरकार का बड़ा एक्शन

अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाले राम वन गमन पथ की सड़क क्षतिग्रस्त होने पर योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। प्रयागराज के PWD XEN रवींद्र पाल सिंह को निलंबित किया गया, जबकि SE ओंकार भारतीय के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई है। निर्माण एजेंसी और क्वालिटी जांच एजेंसी पर भी कार्रवाई की तैयारी है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 13, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश में अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी राम वन गमन पथ परियोजना की सड़क क्षतिग्रस्त होने के मामले में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रयागराज में तैनात लोक निर्माण विभाग यानी PWD के अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क में दरार और निर्माण कार्य में सामने आई खामियों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे।

प्रयागराज में राम वन गमन मार्ग पर मिलीं गंभीर खामियां

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प्रयागराज में राम वन गमन मार्ग पर मिलीं गंभीर खामियां

बताते चले कि, जांच के दौरान प्रयागराज में अवतारपुर से सिंगरौर उपरहार के बीच राम वन गमन मार्ग की सड़क के कई हिस्सों में दरार और क्षति सामने आई। जांच में करीब 1.5 किलोमीटर हिस्से में सड़क के किनारे बनी पटरी और ढलान से जुड़ी खामियां पाई गईं। इसके अलावा करीब 500 मीटर लंबे हिस्से में हाईवे के किनारे किए गए सुरक्षात्मक कार्य भी क्षतिग्रस्त मिले। श्रृंगवेरपुर धाम के पास भी करीब 350 मीटर सड़क में दरार और धंसने की शिकायत सामने आई थी। परियोजना के निर्माण के महज करीब एक साल के भीतर सड़क की हालत खराब होने से निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

PWD अधिकारियों पर कार्रवाई

आपको बता दे कि, जांच रिपोर्ट में परियोजना की निगरानी में लापरवाही के लिए PWD अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया। इसके बाद शासन ने अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें प्रमुख अभियंता विकास एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय पर भी पर्याप्त निगरानी नहीं करने का आरोप है। उनके खिलाफ नियम-7 के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। मामले की जांच के लिए मुख्य अभियंता वाराणसी को जांच अधिकारी बनाया गया है।

सड़क निर्माण एजेंसी और क्वालिटी जांच पर भी सरकार सख्त

योगी सरकार की कार्रवाई का दायरा सिर्फ PWD अधिकारियों तक सीमित नहीं है। राम वन गमन पथ निर्माण एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित ठेकेदार को डिबार करने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र भेजा गया था। इसके अलावा परियोजना की निगरानी करने वाली थर्ड पार्टी एजेंसी एलएन मालवीय इंफ्रा की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। एजेंसी के खिलाफ भी एक साल के लिए डिबार करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि सरकार निर्माण के साथ-साथ क्वालिटी मॉनिटरिंग में लापरवाही को भी गंभीरता से ले रही है।

PWD के मुख्य अभियंता पवन वर्मा की भी बढ़ीं मुश्किलें

इसी बीच प्रतिनियुक्ति पर उत्तर प्रदेश में तैनात रहे PWD के मुख्य अभियंता पवन वर्मा की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। उनकी प्रतिनियुक्ति पहले ही समाप्त कर उन्हें प्रमुख अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया जा चुका था। अब एक अलग मामले में उनके खिलाफ भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। यह मामला भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण में उनकी पूर्व तैनाती से जुड़ा बताया गया है। बेयर बोट चार्टरिंग अनुबंध के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितता और पोस्ट डेटेड चेक बाउंस होने के बावजूद समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोपों की जांच की जाएगी।

उद्घाटन से पहले राम वन गमन पथ की गुणवत्ता पर सवाल

राम वन गमन पथ अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन परियोजना है। भगवान राम के वनवास से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़ने वाले इस मार्ग को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। ऐसे में निर्माण पूरा होने के बाद सड़क के क्षतिग्रस्त होने से परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठना सरकार के लिए गंभीर विषय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सड़क गुणवत्ता में लापरवाही पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई

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सड़क गुणवत्ता में लापरवाही पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई

योगी सरकार की ताजा कार्रवाई से संकेत साफ हैं कि राम वन गमन पथ सड़क क्षति मामले में जिम्मेदारी तय करने का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। PWD अधिकारियों के साथ निर्माण एजेंसी और गुणवत्ता निगरानी से जुड़ी संस्थाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब एक साल में सड़क के क्षतिग्रस्त होने की असली वजह क्या थी और निर्माण में किन स्तरों पर लापरवाही हुई। सरकार की कार्रवाई के बाद इस पूरी परियोजना की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर नजरें टिक गई हैं।