Ram Mandir VIP Pass Rules: अयोध्या में VIP दर्शन के नियम बदले, महंत दीनेंद्र दास को मिली नई जिम्मेदारी

अयोध्या के राम मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर अहम बदलाव किए गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महंत दीनेंद्र दास को VIP दर्शन पास की अनुशंसा से जुड़ी नई जिम्मेदारी सौंपी है। ट्रस्ट का कहना है कि यह कदम दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

Ram Mandir VIP Pass Rules

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 10, 2026

Ram Mandir VIP Pass Rules:  अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। अब सुगम और विशिष्ट (VIP) दर्शन पास जारी करने का आधिकारिक अधिकार महंत दिनेंद्र दास को सौंप दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने महंत दिनेंद्र दास की आईडी सिस्टम में विधिवत रूप से एक्टिवेट कर दी है, जिसके बाद अब उनकी सिफारिश पर ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पास जारी किए जा सकेंगे। यह बदलाव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा पूर्व में कार्यरत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के संदर्भ में उठाए गए कदम के बाद हुआ है। ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की आईडी को तत्काल प्रभाव से डी-एक्टिवेट कर दिया है, जिससे अब वे पास जारी करने की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहेंगे।

VIP दर्शन पास प्रक्रिया और ट्रस्टी की भूमिका

अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दो प्रकार के दर्शन पास उपलब्ध हैं—’सुगम दर्शन पास’ और ‘विशिष्ट दर्शन पास’ (VIP Pass)। इन पासों को जारी करने के लिए ट्रस्ट के प्रत्येक ट्रस्टी के नाम से एक विशेष आईडी सिस्टम में जनरेट की गई है। इस प्रणाली के तहत, किसी भी श्रद्धालु को VIP दर्शन की सुविधा देने के लिए संबंधित ट्रस्टी की औपचारिक सिफारिश या उनकी आईडी से डिजिटल अप्रूवल आवश्यक होता है। अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह से महंत दिनेंद्र दास के पास है। यह नई व्यवस्था मंदिर की दर्शन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि दर्शन व्यवस्था के प्रबंधन में स्पष्टता बनी रहे।

पास प्रणाली में हेराफेरी और घोटालों पर नियंत्रण की चुनौती

हाल ही में राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी से जुड़े मामले सामने आने के बाद पास प्रणाली पर भी सवाल उठे थे। जांच के दौरान आरोप लगे थे कि इस सिस्टम का दुरुपयोग कर बड़ी हेराफेरी की गई है। कथित तौर पर, दान चोरी मामले के आरोपी टिन्नू यादव ने इसी ऑनलाइन सिस्टम का लाभ उठाकर अपने स्तर पर सैकड़ों पास जारी करवा लिए थे। इसके साथ ही, ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों के करीबियों पर भी VIP पास जारी करने के नाम पर लाखों रुपये की अवैध कमाई करने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद ट्रस्ट अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए आईडी एक्सेस को सीमित कर दिया गया है।

दान गणना और आउटसोर्स कर्मचारियों का संकट

मंदिर में चढ़ावे की गणना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। हाल ही में आउटसोर्स कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर इस्तीफे की खबरों के बीच बैंक सूत्रों ने जानकारी दी है कि काम सुचारू रूप से चल रहा है। 8 कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद भी कोई नई भर्ती नहीं की गई है, क्योंकि वर्तमान में श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित है, जिससे काम के दबाव में कमी आई है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि आउटसोर्स किए गए कर्मियों की मुख्य जिम्मेदारी नोटों को व्यवस्थित और सीधा करना होती है, जबकि नोटों की वास्तविक गिनती केवल बैंक के अधिकृत कर्मचारी ही करते हैं। अतः गणना प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आ रही है।

भविष्य की राह: 22 जुलाई की ट्रस्ट बैठक में बनेगा रोडमैप

मंदिर प्रशासन अब भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी में जुटा है। आगामी 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में मंदिर की वर्तमान व्यवस्थाओं, पास प्रणाली की समीक्षा और आउटसोर्स कर्मचारियों की कमी सहित विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। ट्रस्ट का लक्ष्य है कि आने वाले समय में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सरल बनाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, दान और चढ़ावे की सुरक्षा के लिए नई SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की जा सकती है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो।

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