Ayodhya News: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में लंबे समय से चल रहे चढ़ावा चोरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं के विवाद के बीच प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। बुधवार, 2 सितंबर को हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में नए सदस्यों की नियुक्ति के साथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के नाम पर भी मुहर लगा दी गई। ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है।
राम मंदिर के नए CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा
ट्रस्ट के फैसले के मुताबिक, भारतीय वायुसेना में करीब 39 वर्षों तक सेवा देने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएंगे। वायुसेना में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं और उनके पास लंबे समय का नेतृत्व अनुभव है। CEO पद के चयन के लिए गठित समिति की सिफारिश पर विचार करने के बाद ट्रस्ट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।
राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टी नियुक्त
CEO की नियुक्ति के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टी भी शामिल किए गए हैं। खाली पड़े तीन पदों पर महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को नया ट्रस्टी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा स्वामी गोविंददेव गिरि को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से ट्रस्ट की प्रशासनिक और प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव पर इकबाल अंसारी ने जताई खुशी
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का CEO बनाए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को मंदिर की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना अच्छा फैसला है।
इकबाल अंसारी बोले- श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए
इकबाल अंसारी ने नए CEO और नए ट्रस्टियों को बधाई देते हुए कहा कि अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों की जरूरत है, जिन्हें प्रशासन और देश चलाने का अनुभव हो। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति भी आभार जताया और उम्मीद जताई कि नई टीम राम मंदिर से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएगी।
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला
ट्रस्ट की बैठक में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे से जुड़े विवाद पर भी चर्चा हुई। बैठक में विशेष जांच दल यानी SIT की जांच की प्रगति और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़े विषयों पर विचार किया गया। इसके अलावा मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर भी चर्चा हुई।
राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती में तकनीक का होगा इस्तेमाल
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले नकद चढ़ावे की गणना में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी ट्रस्ट ने निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य चढ़ावे की गणना और प्रबंधन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखों समेत कई अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक मुद्दों पर भी निर्णय लिए गए।
राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम से बढ़ीं उम्मीदें
राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था भी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में नए CEO, महामंत्री और तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति को अहम कदम माना जा रहा है। खासकर चढ़ावा और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े विवादों के बाद ट्रस्ट की नई व्यवस्था से पारदर्शिता, बेहतर प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। अब नई टीम के सामने राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।










