Ram Mandir Skit Row: राम मंदिर स्किट विवाद पर रामगोपाल यादव की दो टूक, राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा

राम मंदिर चंदा चोरी स्किट विवाद को लेकर संसद से लेकर सड़क तक सियासत गरमा गई है। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने पप्पू यादव के नाटक को गलत बताया है, जबकि इस मामले में दर्ज एफआईआर और तीखे बयानों के बीच राजनीतिक घमासान लगातार तेज होता जा रहा है।

Ram Mandir Skit Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 3, 2026

Ram Mandir Skit Row: राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर संसद परिसर में हुए नाटकीय प्रदर्शन यानी स्किट पर देश भर में सियासत और अधिक तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए नाटक को गलत बताया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा कि संतों का इस कथित चंदा चोरी के मामले से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार रचनात्मक कार्य करने के बजाय केवल नई कहानियां गढ़ने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दूसरों पर दोष मढ़ने में पूरी तरह माहिर है।

रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार पर लगाया असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

रामगोपाल यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सब असली और बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति है। राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद समेत अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ सनातन धर्म का अपमान करने के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि यह पूरी कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से गलत दिशा में की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हथकंडों से सच को छुपाया नहीं जा सकता।

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से पूछे तीखे सवाल

इस सियासी बवाल के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखा निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए पूछा कि आखिर इस राम मंदिर स्किट विवाद पर सपा का आधिकारिक रुख क्या है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अलग-अलग नेताओं के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं और आरोप लगाया कि सपा केवल जातीय प्रेम और तुष्टिकरण की राजनीति के चक्कर में पप्पू यादव का खुलकर बचाव कर रही है।

पप्पू यादव के आचरण पर आपत्ति

इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद और लोकसभा के मुख्य सचेतक संजय जायसवाल ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष एक औपचारिक विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस प्रस्तुत किया है। इस नोटिस में यह कहा गया है कि गत 31 जुलाई को संसद परिसर के मकर द्वार पर पप्पू यादव ने साधु का वेश धारण कर जिस प्रकार का आचरण किया, वह एक जिम्मेदार सांसद के पद की गरिमा के बिल्कुल अनुकूल नहीं था। भाजपा का यह भी आरोप है कि इस कृत्य से देशवासियों की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं और संसद की सर्वोच्च प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है।

महंत सीताराम दास और संत समाज द्वारा कड़ी कार्रवाई की मांग से विवाद गहराया

गौरतलब है कि 31 जुलाई को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर में चढ़ावे और कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर एक सांकेतिक नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया था, जिसमें पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में नजर आए थे। इस घटना के बाद महंत सीताराम दास सहित कई संत-महात्माओं ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संतों का सवाल है कि यदि विरोध दर्ज कराना ही था तो किसी अन्य प्रतीक का उपयोग क्यों नहीं किया गया। बहरहाल, राजनीतिक और कानूनी मोर्चों पर यह विवाद लगातार और अधिक गहराता जा रहा है।