Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में चंदे की कथित हेराफेरी के मामले ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार (3 जुलाई, 2026) को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राम मंदिर के दान में भ्रष्टाचार करना करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। चिराग ने इस मुद्दे पर हो रही विपक्षी राजनीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आस्था के विषय को राजनीति का अखाड़ा बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कपिल सिब्बल का तीखा हमला
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विवादास्पद पोस्ट साझा किया। सिब्बल ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल पर निशाना साधते हुए लिखा, “राम के नाम पे वोट तो लेंगे, फिर राम को ही वो लूटेंगे। असली हिंदू ये क्या जानें, ये तो फर्जी हिंदू हैं।” उनके इस हमले ने सत्तारूढ़ दल को बैकफुट पर धकेलने का प्रयास किया है, जिससे मंदिर चंदे के मामले में सियासी गर्माहट बढ़ गई है।
भाजपा का बचाव और विपक्ष पर पलटवार
विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि मंदिर सनातनियों की आस्था का केंद्र है और सरकार ने पहले ही मामले का संज्ञान लिया है। सरावगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी (SIT) इस मामले की गहन जांच कर रही है और अब तक कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। एसआईटी का समय 15 दिन और बढ़ा दिया गया है, ताकि कोई भी दोषी कानून की पकड़ से बाहर न रह सके। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोग अब राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, जिन्होंने कभी भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े किए थे।
‘बड़ी मछलियों’ को बचाने की हो रही है कोशिश?
वहीं, जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि अगर हेराफेरी हुई है तो गिरफ्तारियां यह साबित करती हैं कि सरकार तत्पर है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि यदि वे गंभीर हैं तो कानूनी रास्ता क्यों नहीं अपना रहे? दूसरी ओर, आरजेडी सांसद मनोज झा ने इस जांच पर संदेह जताते हुए इसे ‘लीपापोती’ करार दिया। उन्होंने कहा कि “एसआईटी केवल ‘मांगुर’ जैसी छोटी मछलियों को पकड़ रही है, जबकि ‘कतला’, ‘रोहू’ और ‘शार्क’ जैसी बड़ी मछलियां खुली घूम रही हैं।” आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताया है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने राम मंदिर की गरिमा और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।










