Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चंदा चोरी आरोपों की जांच होगी? सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला

राम मंदिर चंदा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर याचिका दाखिल हुई है। क्या मामले में CBI या SIT जांच होगी? 13 जुलाई को संभावित सुनवाई से पहले सभी की नजरें अदालत के रुख और आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।

राम मंदिर चंदा चोरी आरोपों की जांच होगी?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 8, 2026

Ram Mandir Donation Row: अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे को लेकर उठे कथित अनियमितताओं के मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है। इस मामले में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की अपील की है।

याचिका में कहा गया है कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आर्थिक योगदान दिया था। ऐसे में चंदे से संबंधित लगाए गए आरोपों की पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों का विश्वास बना रहे।

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सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई की उम्मीद

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक उस दिन की आधिकारिक सुनवाई सूची जारी नहीं हुई है। सिस्टम जनरेटेड स्टेटस के अनुसार याचिका को 13 जुलाई को सूचीबद्ध किए जाने की संभावना है, लेकिन अंतिम रूप से सुनवाई उसी दिन होगी, यह तय नहीं है। 13 जुलाई से सुप्रीम कोर्ट की नियमित कार्यवाही दोबारा शुरू होने वाली है। इसके बाद इस मामले को नियमित पीठ के सामने सुनवाई के लिए रखा जा सकता है।

पहले तत्काल सुनवाई से कोर्ट ने किया था इनकार

इससे पहले 29 जून को सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि गर्मी की छुट्टियों के बाद मामले को नियमित पीठ के समक्ष रखा जाएगा। अवकाशकालीन पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे नियमित प्रक्रिया के तहत सुनने का निर्देश दिया था। इसके बाद अब जुलाई में अदालत के खुलने के साथ इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।

जांच की मांग को लेकर दायर हुई है याचिका

याचिका में मांग की गई है कि कथित चंदा चोरी या वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। इसके लिए सीबीआई जांच और SIT के गठन की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

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आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें

अयोध्या राम मंदिर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। ऐसे में चंदे से जुड़े विवाद के सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद इस मामले पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट याचिका पर क्या रुख अपनाता है और क्या मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने पर विचार किया जाता है। 13 जुलाई के आसपास होने वाली संभावित सुनवाई से इस विवाद की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।