Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा एक्शन, 100 कर्मियों की छुट्टी की तैयारी

राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ बड़ा प्रशासनिक कदम उठाने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार करीब 100 कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। आखिर जांच में ऐसा क्या सामने आया कि इतनी बड़ी कार्रवाई की नौबत आई? जानिए पूरे घटनाक्रम की हर अहम जानकारी।

Ram Mandir Donation Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 17, 2026

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे में हुई कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) अब एक बड़े अभियान की तैयारी कर रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, मंदिर प्रशासन से जुड़े लगभग 100 कर्मचारी एसआईटी की गहन जांच के दायरे में हैं। इन कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और भूमिका को संदिग्ध पाया गया है। एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान इन कर्मियों से पूछताछ भी की है, और यदि रिपोर्ट में उनकी संलिप्तता स्पष्ट होती है, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त किया जा सकता है। यह कदम मंदिर की वित्तीय शुचिता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नियुक्तियों में अनियमितता और ट्रस्टियों की सिफारिशों की जांच

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि राम मंदिर में ट्रस्ट के अलावा विभिन्न बाहरी एजेंसियों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में भर्तियां की गई थीं। एसआईटी को संदेह है कि इन नियुक्तियों में मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की पैरवी का बड़ा हाथ रहा है। सुरक्षा, सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सहायता के नाम पर रखे गए इन कर्मियों में से कई ऐसे पाए गए हैं, जिनकी वहां आवश्यकता ही नहीं थी। वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट के नए पदाधिकारी इन सभी नियुक्तियों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन पदों पर नियुक्तियां किस आधार पर और किनके प्रभाव में की गई थीं।

चढ़ावे की सुरक्षा के लिए द्विस्तरीय (Two-Tier) निगरानी तंत्र

दान चोरी की घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए श्रीराम मंदिर प्रबंधन ने अपनी सुरक्षा और गणना प्रणाली को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया है। अब चढ़ावे की गिनती के लिए एक द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत, पुलिस के साथ-साथ निजी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को भी तैनात किया गया है। गणना कक्ष में प्रवेश करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को दो अलग-अलग स्तरों की सुरक्षा जांच से गुजरना अनिवार्य कर दिया गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति बिना गहन तलाशी के मंदिर के धन संबंधी कामकाज के करीब न पहुंच सके।

कड़े प्रोटोकॉल और कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइंस

मंदिर प्रशासन ने गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। अब गणना कक्ष में जाने वाले कर्मचारियों के लिए अपना आधिकारिक पहचान पत्र (Identity Card) साथ रखना अनिवार्य है। गणना का कार्य समाप्त होने के बाद भी कर्मचारियों को तलाशी से गुजरना पड़ता है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। इस कार्य के लिए 23 विश्वसनीय कर्मचारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि मंदिर की पवित्रता और दान के पैसे का सही उपयोग सर्वोपरि है, और किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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