Ram Mandir Case: राम मंदिर चंदा चोरी मामला गरमाया, 6 लोगों के खिलाफ FIR की तैयारी

अयोध्या राम मंदिर में चंदा और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। मामला सामने आने और एसआईटी (SIT) द्वारा गहन जांच पूरी करने के बाद, अब रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है।

Ram Mandir Case

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 25, 2026

Ram Mandir Case: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान पेटियों से पैसों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की चोरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही 6 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा सकती है। यह कार्रवाई मामले में संलिप्त लोगों की पहचान और उनके द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मिलने के बाद की जा रही है।

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प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की कवायद

जांच रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली में खामियों को उजागर किया गया है। पारदर्शिता और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में आमूलचूल बदलाव करने की चर्चा जोरों पर है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही मंदिर के लिए एक पेशेवर और अनुभवी रिटायर्ड अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, ताकि मंदिर के दैनिक संचालन और वित्तीय व्यवस्था को व्यवस्थित किया जा सके।

अखिलेश यादव का सरकार पर तंज

यह पूरा घटनाक्रम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सरकार पर किए गए तीखे हमलों के बाद और अधिक चर्चा में आ गया है। अखिलेश यादव ने SIT की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने SIT की फुल फॉर्म को ‘शेयर इन थेफ्ट’ (Share in Theft – चोरी में हिस्सेदारी) और ‘सेंध इन ट्रस्ट’ (Senth in Trust – विश्वास में सेंध) बताते हुए इसे आस्था से खिलवाड़ करार दिया है।

अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता के दौरान आरोप लगाया कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का है, जिनके द्वारा दिए गए गुप्त दान तक को सुरक्षित नहीं रखा गया। मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बिना FIR के SIT का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि इस ‘महापाप’ के पीछे आखिर कौन लोग हैं और उन्हें कौन बचा रहा है?

भविष्य की राह

जहां एक ओर SIT की जांच आगे बढ़ रही है और FIR की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जनता की नजरें अब उत्तर प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। मंदिर प्रशासन में पेशेवर सुधारों और जवाबदेही तय करने के लिए सरकार क्या सख्त कदम उठाती है, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, ट्रस्ट के सामने अपनी साख बचाने और दानदाताओं का विश्वास फिर से बहाल करने की बड़ी चुनौती है।

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