Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी का मामला इन दिनों बेहद गरमाया हुआ है। इस पूरे विवाद पर अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस घटना को पूरे सिस्टम पर एक ‘कलंक’ करार दिया है। शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपना दर्द साझा किया और कहा कि दशकों लंबे आंदोलन और कड़े संघर्ष के बाद भगवान रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। ऐसे में मंदिर परिसर से जुड़ी इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हम सभी को छोटा महसूस कराती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी किसी भी चूक को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े और पारदर्शी सुधार किए जा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन, कोर्ट और ट्रस्ट की ओर से कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े 3 बड़े अपडेट नीचे दिए गए हैं:
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1. 20 करीबियों के अयोध्या छोड़ने पर रोक और चंपत राय का बड़ा फैसला
चोरी मामले की परतें खोलने के लिए पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) मुस्तैदी से जुटे हैं। इस केस के 8 मुख्य आरोपियों के संपर्क में रहे लगभग 20 करीबियों के जिला छोड़ने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, 50 से अधिक संदिग्धों को अपना बयान दर्ज कराने के लिए कानूनी नोटिस भेजा गया है।
इसी बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने करीबियों से स्पष्ट कह दिया है कि जब तक एसआईटी (SIT) अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट पेश नहीं कर देती, तब तक वे अयोध्या छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और जांच प्रक्रिया में प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।
2. आरोपियों की रिमांड की तैयारी और नए सीईओ की नियुक्ति
अयोध्या पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए दो मुख्य आरोपियों—रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुलिस ने स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस का मानना है कि इन दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने से इस पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य चेहरों का पर्दाफाश हो सकेगा।
दूसरी ओर, मंदिर ट्रस्ट ने भविष्य में व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और अभेद्य बनाने के लिए एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस चयन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बकायदा एक तीन सदस्यीय विशेष समिति का गठन भी किया गया है।
3. 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई
यह मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच चुका है। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध (टाइम-बाउंड) जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ आगामी सोमवार, यानी 13 जुलाई को इस मामले से जुड़ी तीन विभिन्न याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत के इस रुख पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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