Rakesh Tikait Arrest: किसान नेता राकेश टिकैत की ओडिशा में गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश में माहौल गरमा गया। 30 मार्च को जैसे ही उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई, भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। राजधानी लखनऊ में किसानों ने हजरतगंज थाने का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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लखनऊ में विरोध प्रदर्शन
गिरफ्तारी की पुष्टि होते ही बड़ी संख्या में किसान हजरतगंज थाने पर एकत्रित हो गए। उन्होंने टिकैत की रिहाई की मांग करते हुए धरना दिया। इस दौरान पुलिस बल की भारी तैनाती की गई ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। किसानों का कहना था कि यह गिरफ्तारी किसानों की आवाज़ दबाने की कोशिश है।
पश्चिमी यूपी में भी असर
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी दिखा। मुरादाबाद में किसानों ने अलग-अलग थानों पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में किसान यहां इकठ्ठा होकर टिकैत की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
मेरठ और बिजनौर में जेल भरो आंदोलन
मेरठ और बिजनौर में भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने जेल भरो और थाना घेराव का ऐलान कर दिया। मवाना में किसानों ने सीओ दफ़्तर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि जब तक टिकैत को सम्मानपूर्वक रिहा नहीं किया जाएगा, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
किसानों की मांग
किसानों ने साफ कहा कि राकेश टिकैत की गिरफ्तारी गलत है और यह किसानों की आवाज़ दबाने का प्रयास है। जब तक उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा, धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।









