Rajpal Yadav Case: बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता राजपाल यादव के लिए बुधवार का दिन राहत भरा रहा। दिल्ली हाई कोर्ट में चेक बाउंस से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान, अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत (Interim Bail) को अगली सुनवाई तक के लिए बढ़ा दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह निर्णय यादव द्वारा शिकायतकर्ता कंपनी को किए गए महत्वपूर्ण भुगतानों को आधार बनाकर लिया।
बकाया राशि का भुगतान और कानूनी दलीलें
बताते चले कि, सुनवाई के आरंभ में राजपाल यादव के वकील ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नियमित जमानत के लिए आवेदन कर दिया है। अदालत को सूचित किया गया कि शिकायतकर्ता कंपनी, M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को अब तक कुल 4.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 25 लाख रुपये का एक नया डिमांड ड्राफ्ट (DD) भी अदालत की कार्यवाही के दौरान सौंपा गया। वकील ने तर्क दिया कि चूंकि बड़ी राशि चुका दी गई है, इसलिए अभिनेता की सुरक्षा जारी रहनी चाहिए।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की टिप्पणी और सख्त रुख
भुगतान की प्रक्रिया को देखते हुए कोर्ट ने नरम रुख अपनाया और टिप्पणी की, “चूंकि आपने एक बड़ी रकम का भुगतान कर दिया है, इसलिए हम आपको दोबारा जेल नहीं भेज रहे हैं।” हालांकि, कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में बकाया चुकाने के कई अवसर दिए गए थे, जिनका पालन समय पर नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित राजपाल यादव ने स्वीकार किया कि उन्होंने ऋण लिया था, जिसके बाद कोर्ट ने भविष्य में प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की चेतावनी दी।
जेल यात्रा और आर्थिक तंगी का विवरण
अपनी बात रखते हुए राजपाल यादव ने कोर्ट को अपनी वित्तीय समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 2016 में उन्हें 10.40 करोड़ रुपये चुकाने को कहा गया था, जिसके लिए उन्होंने मित्र की संपत्ति के दस्तावेज भी दिए थे। अभिनेता ने भावुक होते हुए कहा कि तिहाड़ जेल में तीन महीने बिताने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई। उन्होंने साझा किया कि 22 करोड़ रुपये के निवेश वाली उनकी एक फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई, जिससे उन्हें लगभग 17 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत घाटा उठाना पड़ा।
सज़ा का निलंबन और भविष्य की सुनवाई
इससे पहले, हाई कोर्ट ने राजपाल यादव द्वारा 1.5 करोड़ रुपये जमा करने पर उनकी सज़ा को 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया था। यह राहत पासपोर्ट जमा करने और मुचलका भरने जैसी शर्तों पर आधारित थी। अब जबकि अंतरिम राहत बरकरार है, इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को निर्धारित की गई है। उस दिन अदालत मुख्य याचिका पर विस्तृत दलीलें सुनेगी और संभवतः मामले के अंतिम निपटारे की दिशा में आगे बढ़ेगी।









